Antares का बड़ा दांव: अमेरिकी सेना के लिए छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर बनाने हेतु जुटाए **$470 मिलियन**

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Antares का बड़ा दांव: अमेरिकी सेना के लिए छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर बनाने हेतु जुटाए **$470 मिलियन**

परमाणु तकनीक कंपनी Antares ने अमेरिकी सैन्य अड्डों के लिए छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) विकसित करने हेतु **$470 मिलियन** का नया फंड हासिल किया है। यह फंडिंग, जिसमें **$370 मिलियन** इक्विटी और **$100 मिलियन** का डेट शामिल है, कंपनी को **2028** तक कमर्शियल डिप्लॉयमेंट की ओर बढ़ाने में मदद करेगी। यह कदम AI डेटा सेंटर और डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को पावर देने के लिए एडवांस्ड न्यूक्लियर एनर्जी में बढ़ती निवेशक रुचि को दर्शाता है।

Detailed Coverage

Antares ने $470 मिलियन का फंड कैसे जुटाया?

एडवांस्ड न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी डेवलप करने वाली कंपनी Antares ने $470 मिलियन की सीरीज सी फंडिंग राउंड सफलतापूर्वक पूरी की है। इस निवेश में $370 मिलियन इक्विटी और $100 मिलियन डेट शामिल है। इस राउंड का नेतृत्व Paradigm और Caffeinated Capital ने किया, जिसमें Industrious Ventures, Point72 Ventures, और Shine Capital ने भी भाग लिया। कंपनी इन पैसों का इस्तेमाल ख़ास तौर पर अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों के लिए डिज़ाइन की गई अपनी छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने के लिए करेगी।

टेक्नोलॉजी और डिप्लॉयमेंट प्लान

Antares ऐसे छोटे रिएक्टर बना रही है जो 100 किलोवाट से 1 मेगावाट तक की पावर जेनरेट कर सकते हैं। इसके डिज़ाइन की एक खास बात TRISO फ्यूल का इस्तेमाल है, जिसमें यूरेनियम को सिरेमिक और कार्बन शेल में एनकैप्सुलेट किया जाता है। यह डिज़ाइन हाई-टेम्परेचर सेटिंग्स में मेल्टडाउन को रोकने के लिए है, और कूलिंग का काम हीलियम गैस या मोल्टेन सॉल्ट्स द्वारा किया जाएगा। कंपनी के डेमॉन्स्ट्रेशन रिएक्टर, जिसे Mark-0 के नाम से जाना जाता है, ने 4 जून को इडाहो नेशनल लेबोरेटरी में क्रिटिकैलिटी हासिल की, जो एक बड़ा टेक्निकल माइलस्टोन था। Antares वर्तमान में पेंटागन के 'एडवांस्ड न्यूक्लियर पावर फॉर इंस्टॉलेशन' प्रोग्राम में एक फाइनलिस्ट है, जिसका उद्देश्य कोलोराडो और मोंटाना में एयर फ़ोर्स बेस पर SMR टेक्नोलॉजी का परीक्षण करना है। कंपनी अगले साल एक बिजली पैदा करने वाली यूनिट चालू करने की योजना बना रही है, और 2028 तक प्रमुख सैन्य डिप्लॉयमेंट का लक्ष्य रखा है।

निवेश का माहौल और सेक्टर के रुझान

इस फंडिंग राउंड के साथ Antares द्वारा जुटाई गई कुल पूंजी $604 मिलियन हो गई है। व्यापक न्यूक्लियर पावर सेक्टर में निवेश में तेज़ी देखी जा रही है, क्योंकि कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर से उत्पन्न होने वाली भारी बिजली की मांग और क्लीनर, भरोसेमंद ऊर्जा स्रोतों की ज़रूरत को पूरा करने के लिए दौड़ रही हैं। इस स्पेस में X-energy जैसी अन्य कंपनियां भी महत्वपूर्ण पूंजी जुटा चुकी हैं, जिसमें इस साल की शुरुआत में $1 बिलियन का आईपीओ भी शामिल है। इंडस्ट्री का यह ट्रेंड बताता है कि निवेशक तेजी से फिशन टेक्नोलॉजी पर दांव लगा रहे हैं ताकि हाई-डेंसिटी पावर प्रदान की जा सके, जिसे पारंपरिक रिन्यूएबल स्रोत हमेशा पूरा नहीं कर पाते।

कमर्शियलाइजेशन और लागत की बाधाएं

हालांकि निवेशकों का सेंटिमेंट मजबूत है, लेकिन कमर्शियल व्यवहार्यता का रास्ता अभी भी मुश्किल है। नई SMR टेक्नोलॉजी को महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थापित सप्लाई चेन की कमी और बड़े पैमाने पर उत्पादन को बढ़ाने की जटिलताएं शामिल हैं। इसके अलावा, लागत एक महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है; Lazard का अनुमान है कि नए SMR प्रोजेक्ट की लागत लगभग $214 प्रति मेगावाट-घंटा हो सकती है, जो कि अधिकांश गैस-संचालित विकल्पों से काफी ज़्यादा है। अमेरिकी सेना के साथ कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने पर Antares का फोकस इन तात्कालिक कमर्शियल प्राइसिंग दबावों से बचने की एक रणनीतिक चाल है, क्योंकि रक्षा एजेंसियां ​​अक्सर शुरुआती लागत की तुलना में ऊर्जा सुरक्षा और विश्वसनीयता को प्राथमिकता देती हैं। निवेशकों के लिए आगे की निगरानी का मुख्य बिंदु कंपनी की सफल डेमॉन्स्ट्रेशन फेज से बड़े पैमाने पर, लागत-प्रभावी उत्पादन में परिवर्तित होने की क्षमता होगी, खासकर ऐसे सेक्टर में जिसने अभी तक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर ऊर्जा प्रदान करने की अपनी क्षमता साबित नहीं की है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.