एनर्जी इम्पोर्ट में बड़ी कटौती का विजन
Reliance Industries के चेयरमैन Mukesh Ambani ने भारत के ऊर्जा भविष्य और अपने समूह के तकनीकी विकास को लेकर एक बड़ा विज़न पेश किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि भारत एनर्जी इम्पोर्ट पर अपनी निर्भरता को काफी कम कर देगा। उनका अनुमान है कि अगले 10 सालों में यह इम्पोर्ट शेयर 20% से नीचे आ जाएगा। यह बड़ी घोषणा मुंबई में एक हाई-प्रोफाइल JioBlackRock इवेंट में हुई, जहाँ Ambani, BlackRock CEO Larry Fink के साथ मंच पर थे।
Reliance का AI में बड़ा दांव
Ambani ने Reliance के AI डीपटेक एंटरप्राइज बनने की रणनीति बताते हुए एक ड्राफ्ट AI मैनिफेस्टो भी जारी किया। इस पहल का मुख्य लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एजेंटिक ऑटोमेशन का इस्तेमाल करके प्रोडक्टिविटी बढ़ाना, दोहराए जाने वाले कामों को खत्म करना और बेहतर निर्णय लेना है। इसमें इंसानी देखरेख बनी रहेगी। यह Reliance की उस पिछली सफलता को भी दर्शाता है जिसने भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में अहम भूमिका निभाई थी। Ambani को उम्मीद है कि इस कदम से प्रोडक्टिविटी में दस गुना (tenfold) तक की बढ़ोतरी होगी।
आर्थिक विकास की शर्तें
तकनीकी महत्वाकांक्षाओं से परे, Ambani ने स्थायी आर्थिक समृद्धि के लिए मूलभूत ज़रूरतों पर भी जोर दिया। उनका मानना है कि भारत को अपनी अनुमानित डबल-डिजिट ग्रोथ को बनाए रखने के लिए 15-20 साल तक स्थिर कानून-व्यवस्था और व्यापक सामाजिक सद्भाव की आवश्यकता है। Ambani ने देश की क्षमता के बारे में उम्मीद जताते हुए यह भी कहा कि वे "देश में 100 नए Reliance खड़े होते देख सकते हैं"।
