US की दिग्गज यूटिलिटी कंपनी Alliant Energy ने अगले छह महीनों के भीतर डेटा-सेंटर पावर के लिए **1 गीगावाट (GW)** के अतिरिक्त कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने का लक्ष्य रखा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए कंपनी ने अपना चार साल का इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बजट बढ़ाकर **$15.9 बिलियन** कर दिया है।
एआई (AI) का पावर गेम
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तेजी के साथ ही डेटा सेंटर्स के लिए बिजली की मांग भी रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रही है। इसे भुनाने के लिए Alliant Energy अब अपनी कमर कस चुकी है। कंपनी फिलहाल Alphabet की Google, Meta Platforms और Blackstone समर्थित QTS Data Centers जैसी बड़ी टेक कंपनियों के साथ 3.4 गीगावाट पावर के कॉन्ट्रैक्ट्स मैनेज कर रही है।
बजट में भारी बढ़ोतरी
कंपनी का अनुमान है कि 2031 तक उनके सिस्टम पर पीक पावर डिमांड में 60% से ज्यादा का उछाल आ सकता है। इसे पूरा करने के लिए, कंपनी ने अपने चार साल के कैपिटल इन्वेस्टमेंट बजट में 19% की बढ़ोतरी की है, जो अब $15.9 बिलियन (साल 2030 तक) तक पहुंच गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी और संकेत
इतने बड़े पैमाने पर निवेश से कंपनी के मुनाफे और भविष्य के कर्ज (Debt) को लेकर निवेशकों की चिंताएं भी बढ़ सकती हैं। बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में अक्सर लागत बढ़ने या रेग्युलेटरी अप्रूवल में देरी का जोखिम रहता है।
वहीं, अगर फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की बात करें, तो कंपनी ने साल 2027 के लिए $3.63 से $3.73 प्रति शेयर की अर्निंग आउटलुक जारी की है। हालांकि मैनेजमेंट का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर डिमांड बढ़ने पर ग्रोथ 8% के टारगेट से भी आगे निकल सकती है, लेकिन निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी अपनी प्रॉफिटेबिलिटी और कर्ज को कैसे बैलेंस करती है।
