Advait Energy Transitions ने सितंबर तिमाही के लिए अपने नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **88.5%** बढ़कर **₹19.18 करोड़** पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में **40.8%** की दमदार ग्रोथ देखी गई है।
सितंबर तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग का सीधा फायदा कंपनी को मिला है। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 40.8% बढ़कर ₹220.9 करोड़ हो गया है।\n\n### ऑपरेशनल मजबूती\nकंपनी के मुनाफे को रफ्तार देने में एबिटडा (EBITDA) का बड़ा हाथ रहा है, जो 84.4% बढ़कर ₹31.9 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी के मार्जिन भी बेहतर होकर 14.45% पर आ गए हैं। कंपनी के पास अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर बुक ₹1,574.83 करोड़ का है, जो पिछले साल के मुकाबले 47% ज्यादा है।\n\n### बैटरी स्टोरेज में बड़ा दांव\nकंपनी अब पावर ट्रांसमिशन के अलावा एनर्जी स्टोरेज की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। गुजरात में कंपनी 2.5 GWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज फैसिलिटी बना रही है। इस काम के लिए उन्होंने चीनी कंपनी Hithium के साथ 1 GWh के लिए समझौता भी किया है। यह कदम रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में कंपनी की स्थिति मजबूत करेगा।\n\n### निवेश का रिस्क और वित्तीय स्थिति\nकंपनी की ग्रोथ तेज है, लेकिन इसका बिजनेस मॉडल काफी कैपिटल-इंटेंसिव है। वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को देखते हुए, कंपनी का कैश लंबे समय तक इन्वेंट्री और पेंडिंग पेमेंट में फंसा रहता है। हालांकि CRISIL ने इसे 'A-/Stable/A2+' रेटिंग दी है, लेकिन भविष्य में डेट-फंडेड विस्तार और प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरा होने पर निवेशकों को नजर रखनी होगी।
