Adani Enterprises की सब्सिडियरी Kutch Copper ने अपनी मुंद्रा रिफाइनरी में **115 मेगावाट (MW)** रिन्यूएबल एनर्जी को जोड़ने का फैसला किया है। यह कदम कंपनी की सालाना स्मेल्टिंग कैपेसिटी को **10 लाख टन (1 million tonnes)** तक पहुंचाने की रणनीति का हिस्सा है।
ग्रीन एनर्जी पर बड़ा फोकस
Kutch Copper अपनी मुंद्रा रिफाइनरी को सस्टेनेबल बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। 115 MW रिन्यूएबल पावर को इंटीग्रेट करने का मुख्य मकसद कंपनी की मौजूदा 5 लाख टन की क्षमता को दोगुना करके 10 लाख टन तक ले जाना है। अगर यह लक्ष्य पूरा होता है, तो यह दुनिया के सबसे बड़े सिंगल-लोकेशन कस्टम कॉपर स्मेल्टर्स में से एक होगा।
ग्लोबल मार्केट में धाक
ESG मानकों को पूरा करना कंपनी की प्राथमिकता है। जुलाई 2026 में, 'Adani Copper' ग्रेड-ए कैथोड्स को London Metal Exchange (LME) से रजिस्ट्रेशन मिल चुका है। इससे कंपनी के लिए ग्लोबल बाजारों के दरवाजे खुल गए हैं और अब वे अपने प्रोडक्ट को प्रीमियम कमोडिटी के तौर पर ट्रेड कर सकते हैं।
फाइनेंशियल हेल्थ और रेटिंग
कंपनी के हालिया नतीजे स्थिरता का संकेत दे रहे हैं। जून 2026 की तिमाही में कंपनी ने ₹10,922 करोड़ का रेवेन्यू और ₹749 करोड़ का EBITDA दर्ज किया। इन नतीजों और कामकाज में सुधार को देखते हुए, CareEdge ने अक्टूबर 2026 में Adani Enterprises की लॉन्ग-टर्म क्रेडिट रेटिंग को अपग्रेड करके 'CARE AA' (स्टेबल) कर दिया है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
हालांकि ग्रोथ की राह साफ दिख रही है, लेकिन निवेशकों को कुछ बातों पर नजर रखनी चाहिए:
- ऑपरेशनल रिस्क: कैपेसिटी को 10 लाख टन तक तेजी से बढ़ाने की चुनौती बरकरार है।
- ग्लोबल वोलेटिलिटी: कॉपर रिफाइनिंग बिजनेस ग्लोबल कमोडिटी मार्केट की चाल और माइनिंग आउटपुट पर बहुत ज्यादा निर्भर है।
- कैपिटल मैनेजमेंट: $1.2 बिलियन के इस विशाल निवेश को सही ढंग से मैनेज करना और एनवायरमेंटल नॉर्म्स (जीरो-लिक्विड-डिस्चार्ज) का पालन करना कंपनी के मार्जिन के लिए महत्वपूर्ण होगा।
आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों और पावर ग्रिड मॉडर्नाइजेशन की बढ़ती मांग इस प्रोजेक्ट की सफलता का सबसे बड़ा ड्राइवर साबित हो सकती है।
