Adani Wind ने पावर सेक्टर की 5 कंपनियों से **696.2 MW** के टरबाइन ऑर्डर हासिल किए हैं। इस डील के साथ कंपनी का एक्सटर्नल ऑर्डर बुक **1 GW** के पार पहुंच गया है, जिसे पूरा करने के लिए मुंद्रा प्लांट की क्षमता को **10 GW** तक ले जाने की तैयारी है।
बाजार में धाक जमा रही Adani Wind
Adani New Industries की यूनिट, Adani Wind ने NTPC Renewable Energy, Purvah Green Power और Jindal India Power जैसी बड़ी कंपनियों से 696.2 मेगावाट के कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल किए हैं। ये प्रोजेक्ट्स मुख्य रूप से कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र में स्थित हैं। इस कामयाबी का सबसे बड़ा पहलू यह है कि कंपनी का नॉन-ग्रुप (External) क्लाइंट्स का ऑर्डर बुक पहली बार 1 गीगावाट (GW) के आंकड़े को पार कर गया है।
क्षमता विस्तार की रणनीति
गुजरात के मुंद्रा में स्थित कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी अभी 2.25 GW की क्षमता पर काम कर रही है। इसे अब 10 GW तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। यह विस्तार 3.3 MW, 5 MW और 5.2 MW जैसे बड़े और एडवांस टरबाइन मॉडल के प्रोडक्शन के लिए किया जा रहा है। खासतौर पर MWL-160 मॉडल का इस्तेमाल खावड़ा रिन्यूएबल साइट पर 2 GW से ज्यादा हो चुका है।
प्रतिस्पर्धा और चुनौतियां
भारतीय विंड एनर्जी मार्केट में अब बड़े और अधिक एफिशिएंट टरबाइन की मांग बढ़ रही है। Adani Wind इस ट्रेंड को भुनाने की कोशिश में है, लेकिन उसे Suzlon Energy और Inox Wind जैसे पुराने खिलाड़ियों से कड़ी टक्कर मिल रही है, जिनकी सर्विस नेटवर्क काफी मजबूत है।
ग्लोबल मार्केट पर भी नजर
कंपनी सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहना चाहती। यूरोप में ब्लेड कंपोनेंट्स एक्सपोर्ट करने के बाद, अब ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और अमेरिका जैसे इंटरनेशनल बाजारों पर भी कंपनी की नजरें टिकी हैं। निवेशकों के लिए कंपनी की समय पर डिलीवरी और प्रोजेक्ट कॉस्ट को मैनेज करने की क्षमता आने वाले समय में सबसे बड़ा ट्रिगर होगी।
