मुनाफे में 8.9% की बढ़त, पर मार्जिन पर आईThe
Adani Total Gas (ATGL) ने मार्च तिमाही के लिए ₹168 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) घोषित किया है, जो पिछले साल की तुलना में 8.9% ज्यादा है। यह ग्रोथ कंपनी के कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क में 13% की मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ के दम पर आई है। वहीं, रेवेन्यू (Revenue) 16.6% बढ़कर ₹1,695 करोड़ तक पहुंच गया, जो नेटवर्क विस्तार और बढ़ती मांग को दर्शाता है। सोमवार को कंपनी का शेयर 1.46% की बढ़त के साथ ₹636 पर बंद हुआ था।
एलएनजी की महंगी कीमतें बनीं सिरदर्द
हालांकि, ATGL के प्रॉफिट पर ऑपरेटिंग मार्जिन (Operating Margins) में गिरावट का असर दिखा। ये 18.32% से घटकर 17.76% रह गए। इसकी मुख्य वजह नेचुरल गैस की लागत में 18% का इजाफा है। कंपनी ने बताया कि वह अब सस्ती डोमेस्टिक गैस की बजाय महंगी मार्केट-लिंक्ड लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) पर ज्यादा निर्भर हो गई है। सीएनजी के लिए डोमेस्टिक गैस का शेयर 41% से घटकर करीब 36% हो गया है। कंपनी के CEO सुरेश पी. मंगलानी ने कहा कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाओं और एलएनजी की ऊंची कीमतों के कारण लागत बढ़ी है। उन्होंने सप्लाई सिक्योरिटी के लिए सोर्सिंग रणनीति में विविधता लाने पर जोर दिया। मैनेजमेंट ने कीमतों में पूरी लागत वृद्धि को ग्राहकों पर न डालने का फैसला किया, ताकि वॉल्यूम की ग्रोथ बनी रहे।
इंफ्रास्ट्रक्चर का लगातार विस्तार
Adani Total Gas ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार जारी रखा है। कंपनी अब 705 सीएनजी स्टेशन चलाती है, लगभग 11 लाख पीएनजी होम कनेक्शन प्रदान करती है, और 5,100 इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग पॉइंट ऑफर करती है। नए सिटी गैस स्टेशन और एलएनजी सुविधाओं से कंपनी की पहुंच और बढ़ी है।
पीयर कंपनियों के मुकाबले वैल्यूएशन महंगा?
फिलहाल Adani Total Gas का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो करीब 107.37 है, जो घरेलू प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में काफी अधिक है। Indraprastha Gas (IGL) का पी/ई रेश्यो लगभग 13.90 और Mahanagar Gas (MGL) का 11.53 है। यह बड़ा अंतर दर्शाता है कि ATGL में वॉल्यूम ग्रोथ तो दिख रही है, लेकिन इसका हाई पी/ई रेश्यो भविष्य की ग्रोथ की उम्मीदों पर टिका है। इन उम्मीदों पर लगातार इनपुट लागत में उतार-चढ़ाव और मांग को प्रभावित किए बिना कीमतें बढ़ाने की चुनौती भारी पड़ सकती है।
सेक्टर का भविष्य और ग्लोबल जोखिम
भारतीय सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) सेक्टर में 2032 तक 12.67% से 12.84% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से ग्रोथ का अनुमान है। यह सरकार द्वारा 2030 तक एनर्जी मिक्स में नेचुरल गैस का हिस्सा 15% करने और बढ़ती शहरीकरण के प्रयासों से प्रेरित है। ATGL का शेयर पिछले एक साल में 3.1% बढ़ा है, जो निफ्टी 50 के लगभग 1% के मामूली इजाफे से थोड़ा बेहतर है। हालांकि, इंपोर्टेड एलएनजी पर निर्भरता कंपनी को भू-राजनीतिक जोखिमों और ग्लोबल कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बनाती है।
मुख्य चुनौतियां और एनालिस्ट की चिंताएं
एक मुख्य चिंता यह है कि डोमेस्टिक गैस आवंटन कम होने से ATGL महंगी स्पॉट एलएनजी पर निर्भर है, जिससे इसके मार्जिन में काफी अस्थिरता आ जाती है। यह उन पीयर कंपनियों से अलग है जिनके पास अधिक स्थिर सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट हो सकते हैं। ATGL का 107 का पी/ई रेश्यो इंडस्ट्री एवरेज की तुलना में बहुत अधिक है, जो मजबूत बाजार उम्मीदों का संकेत देता है। ये उम्मीदें तब खतरे में पड़ सकती हैं जब मार्जिन और खराब हो या ग्रोथ धीमी पड़ जाए। कंपनी के पास सीमित एनालिस्ट कवरेज है, केवल दो विश्लेषक इसे ट्रैक कर रहे हैं और कोई फॉरवर्ड अर्निंग एस्टीमेट उपलब्ध नहीं है। एक ब्रोकर ने पहले ही स्टॉक को डाउनग्रेड कर दिया है। वॉल्यूम बढ़ रहा है, लेकिन कंपनी के लिए ऊंची गैस लागत को ग्रोथ को नुकसान पहुंचाए बिना मैनेज करना एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है।
