Adani Power के गोड्डा प्लांट में बॉयलर खराब होने से **800 MW** की एक यूनिट बंद हो गई है, जिससे प्लांट की क्षमता आधी रह गई है। इस शटडाउन से बांग्लादेश में बिजली का संकट और बढ़ गया है, जहां पहले से ही **2,500 MW** की कमी है।
प्लांट में तकनीकी खराबी
झारखंड के गोड्डा स्थित 1,600 MW के थर्मल पावर स्टेशन में अचानक आई तकनीकी खराबी के चलते प्लांट की एक 800 MW यूनिट को बंद करना पड़ा है। बॉयलर में खराबी के कारण प्लांट का कुल पावर जनरेशन 750 MW के नीचे आ गया है। कंपनी की टेक्निकल टीम इसे ठीक करने में जुटी है, लेकिन माना जा रहा है कि कूलिंग पीरियड और मरम्मत के चलते पूरी तरह बहाल होने में अभी कई दिन लग सकते हैं।
बांग्लादेश के लिए बड़ा झटका
यह शटडाउन बांग्लादेश के लिए बड़ी मुसीबत बनकर आया है, जो पहले से ही 2,500 MW की बिजली कमी से जूझ रहा है। इस प्लांट से निर्यात की जाने वाली बिजली पड़ोसी देश के ग्रिड के लिए लाइफलाइन की तरह है। इस तकनीकी समस्या के साथ ही प्लांट को अगस्त 2026 से ही कोयला परिवहन से जुड़ी लॉजिस्टिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
फाइनेंशियल रिस्क और बकाया राशि
ऑपरेशनल चुनौतियों के अलावा, निवेशकों की नजरें इस प्रोजेक्ट के फाइनेंशियल हेल्थ पर भी टिकी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, Bangladesh Power Development Board पर Adani Power का करीब $900 मिलियन का बकाया है। इस तरह के क्रॉस-बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में बढ़ते रिस्क और पेमेंट की दिक्कतों के कारण मार्केट एक्सपर्ट्स अब प्लांट की मेंटेनेंस दक्षता और बकाया वसूली पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।
