Adani Power और AESL की तूफानी तेजी! 52-week High पर पहुंचे शेयर, जानिए वजह

ENERGY
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Adani Power और AESL की तूफानी तेजी! 52-week High पर पहुंचे शेयर, जानिए वजह
Overview

Adani Power और Adani Energy Solutions (AESL) के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। दोनों कंपनियों के शेयर आज नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए, 52-week high का रिकॉर्ड बनाया। AESL ने मुंबई में एक अहम ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट शुरू किया है, जबकि Adani Power ने पुराने रेगुलेटरी बकाया का निपटारा किया है, जिससे उम्मीदें बढ़ी हैं।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

इंफ्रा प्रोजेक्ट्स की वजह से मजबूती

Adani Energy Solutions Ltd. (AESL) के शेयर 15 अप्रैल 2026 को ₹1,205.20 के स्तर को छूकर अपने 52-week high पर पहुंच गए, जिसमें 3% का इंट्रा-डे उछाल देखा गया। यह तेजी मुंबई के लिए 1,000 MW HVDC ट्रांसमिशन लिंक के सफल कमीशनिंग के बाद आई है। यह प्रोजेक्ट दुनिया के पहले कॉम्पैक्ट HVDC सबस्टेशन के साथ, शहर के ग्रिड में रिन्यूएबल एनर्जी को इंटीग्रेट करने और ओवरऑल विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद करेगा।

वहीं, Adani Power Ltd. भी ₹187.15 के अपने 52-week high पर पहुंचा। कंपनी ने अपने बड़े पुराने रेगुलेटरी ड्यूज़ (बकाया) का सफलतापूर्वक निपटारा कर लिया है, जिससे रेवेन्यू विजिबिलिटी (राजस्व की दृश्यता) में सुधार हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के 95% से अधिक ऑपरेशनल कैपेसिटी के लिए लॉन्ग-टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट्स (PPAs) साइन हो चुके हैं, जो निवेशक के भरोसे को बढ़ा रहा है।

पावर डिमांड आउटलुक ने बढ़ाई उम्मीदें

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अल नीनो (El Niño) की वजह से पावर डिमांड में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अल नीनो के कारण तापमान बढ़ने और बारिश कम होने की उम्मीद है, जिससे कूलिंग की जरूरतें बढ़ेंगी और बिजली की खपत बढ़ेगी। JM Financial Institutional Equities का अनुमान है कि 2026 के मिड-मई से सितंबर तक डिमांड में भारी स्पाइक आ सकता है, जो थर्मल पावर और मर्चेंट पावर के लिए फायदेमंद होगा। FY27 में पावर डिमांड ग्रोथ 5.5% से 6.5% रहने का अनुमान है, जो इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा बूस्ट है।

इंडस्ट्री कॉम्पिटिशन

Adani Power भारत में एक बड़ा प्राइवेट थर्मल पावर प्रोड्यूसर है, जिसका मुकाबला NTPC Limited, Tata Power और JSW Energy जैसी कंपनियों से है। AESL के लिए भी NTPC, Tata Power, JSW Energy और Power Grid Corporation of India प्रमुख कॉम्पिटिटर हैं।

कानूनी जोखिम और चुनौतियाँ

इन सब सकारात्मक खबरों के बीच, Adani Group पर नियामकीय और नैतिक चिंताओं के बादल मंडरा रहे हैं। अमेरिकी अथॉरिटीज, जिनमें SEC और Department of Justice शामिल हैं, गौतम अडानी और अन्य एग्जीक्यूटिव्स के खिलाफ रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोपों की जांच कर रही हैं। इन जांचों में सैकड़ों मिलियन डॉलर्स के भुगतान के आरोप शामिल हैं। Adani Group इन आरोपों को लगातार 'बेबुनियाद' बताता रहा है।

इसके अलावा, कंपनी पर अतीत में स्टॉक मैनिपुलेशन, अकाउंटिंग फ्रॉड (Hindenburg रिपोर्ट), कस्टम टैक्स चोरी, फर्जी दस्तावेज बनाने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप भी लगते रहे हैं। इन गहराते मुद्दों और अंतर्राष्ट्रीय जांचों से ग्रुप के भविष्य और निवेशकों के विश्वास पर बड़ा खतरा बना हुआ है।

एनालिस्ट्स की राय

JM Financial के एनालिस्ट्स ने Adani Power को गर्मी के मौसम के लिए एक टॉप यूटिलिटी पिक बताया है। हालांकि, Q4 FY26 के अनुमानों के मुताबिक, Adani Power के नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल गिरावट आ सकती है, जबकि AESL के प्रॉफिट में अच्छी बढ़ोतरी का अनुमान है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.