टैक्स बचत ने बढ़ाया मुनाफा, पर असल परफॉर्मेंस फीकी
Adani Power के मार्च तिमाही के नतीजे शेयर बाजार के लिए मिले-जुले रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹4,017 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 52.34% ज्यादा है। लेकिन इस भारी-भरकम मुनाफे का राज टैक्स पर कम खर्च करना रहा। कंपनी के टैक्स एक्सपेंस (Tax Expense) में 80% से ज्यादा की भारी कटौती हुई, जो पिछले साल के ₹662.05 करोड़ से घटकर सिर्फ ₹112.58 करोड़ रह गया। इस टैक्स क्रेडिट ने प्री-टैक्स अर्निंग्स (Pre-tax Earnings) को ₹4,383.98 करोड़ तक पहुँचाया।
ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में गिरावट
जहां एक तरफ मुनाफे में बड़ा उछाल दिखा, वहीं कंपनी का असल बिजनेस परफॉर्मेंस फीका नजर आया। मार्च तिमाही में Adani Power का रेवेन्यू (Revenue) लगभग ₹14,223 करोड़ पर सपाट रहा, जो पिछले साल के ₹14,237 करोड़ से मामूली ही कम है। इससे भी चिंताजनक बात यह है कि EBITDA 1.7% घटकर ₹4,732 करोड़ रह गया, और EBITDA मार्जिन भी 33.80% से गिरकर 33.27% पर आ गया।
मार्केट की चुनौतियों का असर
कंपनी ने इस धीमे प्रदर्शन के लिए बाहरी चुनौतियों को जिम्मेदार ठहराया है। बेमौसम बारिश ने बिजली की मांग को प्रभावित किया, जबकि रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) का बढ़ता हिस्सा और मर्चेंट पावर मार्केट (Merchant Power Market) में कम टैरिफ ने कमाई पर दबाव बनाया। पावर सेल वॉल्यूम (Power Sale Volume) 26.4 अरब यूनिट से बढ़कर 27.2 अरब यूनिट होने के बावजूद, इन प्राइसिंग दबावों के कारण रेवेन्यू में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई।
कर्ज और वैल्यूएशन पर चिंता
मार्केट की इस प्रतिक्रिया के चलते Adani Power के शेयर 2.48% गिरकर ₹217.80 पर बंद हुए। निवेशकों के लिए एक और चिंता का सबब कंपनी पर बढ़ता कर्ज है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सितंबर 2024 तक कंपनी पर ₹28,855 करोड़ (US$3.3 बिलियन) से ज्यादा का कर्ज था, और कंपनी क्षमता विस्तार के लिए और 70% अतिरिक्त उधार लेने की योजना बना रही है। यह ज्यादा लेवरेज (Leverage) वित्तीय स्थिरता पर सवाल खड़े करता है, खासकर यदि ऑपरेशनल परफॉर्मेंस कमजोर रहती है। कुछ विश्लेषकों ने स्टॉक के वैल्यूएशन (Valuation) पर भी सवाल उठाए हैं।
CEO का भविष्य को लेकर भरोसा
हालांकि, कंपनी के CEO S.B. Khyalia भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं। वे कंपनी की विस्तार रणनीति और भारत की ऊर्जा सुरक्षा में इसकी भूमिका को लेकर उत्साहित हैं। उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में क्षमता विस्तार से कमाई में कई गुना बढ़ोतरी होगी।
