सितंबर 2026 तिमाही में Adani Power का जलवा रहा। कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नेट प्रॉफिट में **134%** की बड़ी छलांग लगाई है और यह आंकड़ा **₹6,919 करोड़** पर पहुंच गया है।
मुनाफे में बड़ी उछाल के पीछे के कारण
Adani Power के दमदार नतीजों का मुख्य कारण रेवेन्यू में 44% का जबरदस्त इजाफा रहा, जिससे कंपनी की आय ₹19,439 करोड़ हो गई। देश भर में बिजली की बढ़ती मांग और बेहतर सेल्स रेट्स का सीधा फायदा कंपनी की बैलेंस शीट पर दिखा है। नतीजों को रफ्तार देने में ₹2,422 करोड़ के पुराने राजस्व (prior-period revenue) का भी बड़ा हाथ रहा, जो पुराने पावर परचेज एग्रीमेंट्स के एडजस्टमेंट से मिले हैं।
अगर हम इन वन-टाइम आइटम्स को हटा दें, तो भी कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA सालाना आधार पर 18.5% बढ़कर ₹6,321 करोड़ दर्ज किया गया है। साथ ही, बिजली की बिक्री की मात्रा भी 11.5% बढ़कर 26.4 बिलियन यूनिट्स रही।
कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग और आगे का रास्ता
कंपनी ने अपनी ऑपरेशनल दक्षता सुधारने के लिए 10 सब्सिडियरी कंपनियों का विलय (amalgamation) पूरा कर लिया है, जिसमें Korba Power और Vidarbha Industries Power जैसी कंपनियां शामिल हैं। इस बदलाव से कंपनी को ₹230.60 करोड़ का नेट टैक्स क्रेडिट भी मिला है।
आने वाले समय में कंपनी भारत सरकार के 2032 तक 100 GW थर्मल पावर क्षमता जोड़ने के लक्ष्य को पूरा करने पर केंद्रित है। निवेशकों को हालांकि अब यह देखना होगा कि कंपनी का बढ़ता कर्ज और नई सब्सिडियरी का एकीकरण भविष्य के प्रॉफिट मार्जिन को किस तरह प्रभावित करता है। इस सेक्टर में NTPC और JSW Energy जैसे बड़े खिलाड़ी भी मौजूद हैं, जहां रेगुलेटरी बदलाव और कोयले की उपलब्धता जैसे कारक मार्जिन के लिए महत्वपूर्ण बने रहेंगे।
