मुनाफे में आया 'सरप्राइज', पर शेयर क्यों फिसले?
Adani Power के चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे सामने आए हैं, जिनमें नेट प्रॉफिट में 64% का जबरदस्त इजाफा हुआ है। कंपनी ने ₹4,271 करोड़ का मुनाफा कमाया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹2,599 करोड़ से काफी ज्यादा है। मगर, निवेशकों की उम्मीदों के विपरीत, शेयर बाजार में Adani Power के स्टॉक में 2.5% की गिरावट देखी गई। इसका सबसे बड़ा कारण कंपनी की टैक्स देनदारी में 83% की भारी कमी आना है, जिसने कुल प्रॉफिट को भले ही बढ़ा दिया, लेकिन कंपनी के ऑपरेशनल प्रदर्शन को लेकर सवाल खड़े कर दिए।
ऑपरेशनल ग्रोथ नहीं, टैक्स रिलीफ ने बढ़ाई कमाई
अगर हम ऑपरेशनल प्रॉफिट (EBITDA) की बात करें, तो इसमें सिर्फ 9.3% की मामूली बढ़ोतरी होकर यह ₹5,573 करोड़ रहा। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) लगभग स्थिर रहा, जो 0.10% घटकर ₹14,233 करोड़ पर आ गया। यह दिखाता है कि प्रॉफिट में दिख रहा बड़ा उछाल, कंपनी के कोर बिजनेस की मजबूती के बजाय टैक्स में मिली राहत की वजह से है।
PPA से मिली स्थिरता, पर मर्चेंट मार्केट में दबाव
हालांकि, Adani Power अपने बिजनेस की स्टेबिलिटी को लेकर काफी सचेत है। कंपनी ने अब अपनी 95% क्षमता को लॉन्ग-टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट्स (PPAs) के तहत सुरक्षित कर लिया है। हाल ही में महाराष्ट्र से 1,600 MW और तमिलनाडु से 558 MW के नए PPA साइन हुए हैं। लेकिन, कंपनी के मर्चेंट (स्पॉट मार्केट) और शॉर्ट-टर्म सेल्स में वॉल्यूम घटकर 5.2 बिलियन यूनिट रह गया। स्पॉट मार्केट में मांग में कमी और इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) पर कीमतों में 12% से ज्यादा की गिरावट ने इस सेगमेंट को प्रभावित किया।
प्रीमियम वैल्यूएशन पर एनालिस्ट्स की मिली-जुली राय
बाजार में Adani Power का वैल्यूएशन (Valuation) भी चर्चा का विषय बना हुआ है। यह स्टॉक अपने अर्निंग्स के मुकाबले 33 से 38 के P/E रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है, जो काफी प्रीमियम माना जाता है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹4.11 ट्रिलियन है। हालांकि, कंपनी का 26.1% ROE और 22.5% ROCE शानदार है, लेकिन यह अपने प्रतिस्पर्धियों जैसे NTPC (जिसका ROCE 10.83% और P/E 16.32 है) की तुलना में काफी महंगा लगता है।
ग्रुप की छवि और भविष्य की राह
इन सबके बीच, Adani Group पर लगे पुराने आरोपों (स्टॉक मैनिपुलेशन, अकाउंटिंग फ्रॉड) का साया अभी भी बना हुआ है। हाल ही में अमेरिकी अभियोजकों द्वारा गौतम अडानी पर रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी का आरोप लगाने की खबरों ने इस चिंता को और बढ़ाया है, हालांकि ग्रुप ने इसका खंडन किया है।
भारतीय पावर सेक्टर के लिए भविष्य उज्ज्वल दिख रहा है, जहां बिजली की मांग सालाना 6-6.5% बढ़ने का अनुमान है। एनालिस्ट्स (Analysts) Adani Power को लेकर बंटे हुए हैं। ज्यादातर के पास 'स्ट्रॉन्ग बाय' या 'मॉडरेट बाय' रेटिंग्स हैं, लेकिन उनका एवरेज 12-महीनों का प्राइस टारगेट मौजूदा स्तरों से लगभग 19% की गिरावट का संकेत देता है।
