गुरुवार को Adani Power के शेयर में **2.04%** की गिरावट आई और यह **₹212.52** पर ट्रेड कर रहा था। बाजार कंपनी के तिमाही नतीजों और पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के अनुमानों को परख रहा है। जून 2026 तिमाही में बिक्री और नेट प्रॉफिट तो बढ़ा है, लेकिन FY26 के लिए सालाना कमाई और EPS में संभावित गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
Detailed Coverage
तिमाही नतीजों और सालाना अनुमानों का खेल
Adani Power के तिमाही नतीजे शेयरधारकों के लिए मिले-जुले संकेत दे रहे हैं। जून 2026 की तिमाही में कंपनी की बिक्री ₹18,901.89 करोड़ रही, जबकि नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹4,748.91 करोड़ हो गया। पिछले साल की जून 2025 तिमाही में यह प्रॉफिट ₹3,305.13 करोड़ था।
हालांकि, इन तिमाही उछालों की तुलना कंपनी के लंबे समय के वित्तीय अनुमानों से की जा रही है। फाइनेंशियल ईयर 2024 (FY24) में कंपनी ने ₹50,351.25 करोड़ का रेवेन्यू और ₹20,828.79 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। लेकिन, FY26 के लिए कंपनी के अपने अनुमान बताते हैं कि रेवेन्यू बढ़कर ₹54,240.52 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹12,971.08 करोड़ रह सकता है। सबसे खास बात यह है कि FY26 के लिए अनुमानित अर्निंग्स पर शेयर (EPS) 6.62 रहने की उम्मीद है, जो FY24 के 51.62 के मुकाबले काफी कम है।
कर्ज में कमी और इक्विटी पर असर
निवेशक कंपनी की बैलेंस शीट को लेकर भी सतर्क हैं। Adani Power ने पिछले कुछ सालों में अपने कर्ज को काफी कम किया है। मार्च 2026 तक, कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो घटकर 0.82 हो गया है, जो मार्च 2022 में 8.86 था। यह कर्ज कम करने की कवायद कंपनी के रिजर्व को बढ़ाने का भी हिस्सा है, जो मार्च 2026 तक बढ़कर ₹61,079 करोड़ हो गया था।
बैलेंस शीट मजबूत दिख रही है, लेकिन इस बदलाव के दौर में रिटर्न रेशियो पर दबाव देखा गया है। मार्च 2026 में समाप्त हुए साल के लिए रिटर्न ऑन नेटवर्थ (या रिटर्न ऑन इक्विटी) 19.76% रहा, जो मार्च 2022 के 89.48% से काफी कम है। निवेशक इस मेट्रिक को कंपनी की कमाई की क्षमता को समझने के लिए देखते हैं।
कॉर्पोरेट एक्शन और आगे क्या?
वित्तीय नतीजों के अलावा, कंपनी ने पहले स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) की भी घोषणा की थी, जिसमें शेयर का फेस वैल्यू ₹10 से घटाकर ₹2 कर दिया गया था। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 22 सितंबर, 2025 तय की गई थी। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी जून 2026 तिमाही की तरह मुनाफा बनाए रख पाती है या नहीं, और मैनेजमेंट पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए अनुमानित आय में कमी से कैसे निपटता है। पावर डिमांड और लागत प्रबंधन (Cost Management) पर कंपनी का कोई भी नया बयान सेक्टर पर नजर रखने वालों के लिए अहम होगा।
