Adani Power ने Jaypee Group के एसेट्स खरीद कर बढ़ाई थर्मल क्षमता
Adani Power ने Jaypee Group के अहम पावर एसेट्स को खरीदकर अपनी थर्मल पावर जनरेशन क्षमता में बड़ा इज़ाफ़ा किया है। इस डील की कुल कीमत ₹4,193.6 करोड़ (लगभग $517 मिलियन) है। इस सौदे में Jaiprakash Power Ventures (JPVL) में 24% हिस्सेदारी ₹2,993.59 करोड़ में और 180 MW का Churk थर्मल पावर प्लांट, साथ ही Prayagraj Power Generation Company Limited में 11.49% इक्विटी ₹1,200 करोड़ में शामिल है। यह अधिग्रहण दिवालिया Jaypee Associates Limited के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा स्वीकृत समाधान योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो लंबे समय से वित्तीय तंगी झेल रहा था।
डील के फ़ायदे और मार्केट में मज़बूत स्थिति
इस अधिग्रहण से Adani Power के मौजूदा जनरेशन पोर्टफोलियो को और बल मिलेगा और थर्मल पावर सेक्टर में कंपनी की मौजूदगी और गहरी होगी। साथ ही, Adani Power को JPVL के विविध ऊर्जा और खनन संसाधनों तक रणनीतिक पहुँच भी मिलेगी। इसमें 2,220 MW क्षमता के ऑपरेशनल पावर प्लांट्स और एक सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट भी शामिल है। यह कदम Adani Power के उस लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा जिसके तहत कंपनी 2030 तक अपनी कुल जनरेशन क्षमता को आंतरिक विस्तार और रणनीतिक खरीदारियों के ज़रिए 30 GW से ज़्यादा तक ले जाना चाहती है। भले ही भारत का पावर सेक्टर तेज़ी से रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ रहा है, थर्मल पावर अभी भी एनर्जी मिक्स का एक अहम हिस्सा बना हुआ है। Adani Power का P/E रेश्यो लगभग 32.74 है, जो निवेशकों के भविष्य के विकास को लेकर भरोसे को दिखाता है, जबकि JPVL का P/E रेश्यो लगभग 28.64 है। इस डील को अंतिम NCLT मंज़ूरी का इंतज़ार है और इसके मार्च 2026 में मिली मंज़ूरी के 90 दिनों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।
Jaypee Group की वित्तीय मुश्किलें और पुनर्गठन
Jaypee Group को लगातार वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, जिसका मुख्य कारण भारी कर्ज़ लेकर आक्रामक विस्तार करना और अपर्याप्त वित्तीय योजना थी। ग्रुप पर करीब ₹57,000 करोड़ का कर्ज़ जमा हो गया था, जिसके चलते उसे कई एसेट्स बेचने पड़े। Jaiprakash Associates Limited ने 2024 में इंसॉल्वेंसी प्रोसीडिंग्स में प्रवेश किया और लेनदारों का ₹57,190 करोड़ बकाया था। Adani Enterprises की Jaiprakash Associates के लिए समाधान योजना को NCLT ने मार्च 2026 में ₹14,535 करोड़ के कुल निवेश के साथ मंज़ूरी दी थी। Vedanta Group ने पहले NCLAT में Adani-Jaypee अधिग्रहण को चुनौती दी थी, लेकिन उसे कोई अंतरिम राहत नहीं मिली थी। Adani Power का यह अधिग्रहण इस बड़ी NCLT-स्वीकृत पुनर्गठन योजना का ही हिस्सा है।
भारत के पावर सेक्टर की बदलती तस्वीर
भारत का पावर सेक्टर मज़बूत मांग और रिन्यूएबल एनर्जी स्रोतों पर ज़ोर दिए जाने के कारण बड़े बदलाव के दौर से गुज़र रहा है, जिसका लक्ष्य 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल करना है। इस बदलाव के बावजूद, थर्मल पावर अभी भी ज़रूरी है। Adani Power के रणनीतिक अधिग्रहण इसे इस बदलते परिदृश्य में अपनी मार्केट पोजीशन को मज़बूत करने में मदद करेंगे। कंपनी की विकास योजना में अपनी थर्मल क्षमता का विस्तार करना और भारत की बढ़ती ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी विकल्पों को खोजना शामिल है। इस ट्रांज़ैक्शन के NCLT मंज़ूरी के 90 दिनों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने पहले ही अगस्त 2025 में इस डील को मंज़ूरी दे दी थी। एनालिस्ट्स आमतौर पर Adani Power के लिए 'Buy' की सलाह देते हैं, जिनका टारगेट प्राइस इसके मौजूदा मार्केट प्राइस से थोड़ा कम है।
