Adani Group अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए डच एनर्जी स्टोरेज कंपनी VTTI को खरीदने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सौदा करीब **€3 बिलियन** का हो सकता है।
ग्लोबल विस्तार की बड़ी रणनीति
Adani Group अपनी ग्लोबल पहुंच को और मजबूत करने के लिए डच एनर्जी स्टोरेज कंपनी VTTI में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने की कोशिश में है। VTTI मुख्य रूप से जीवाश्म ईंधन (fossil fuels), बायोफ्यूल्स और केमिकल्स के स्टोरेज टर्मिनल्स का एक विशाल नेटवर्क संचालित करती है। एनर्जी सिक्योरिटी और शिफ्ट होते ग्लोबल ट्रेड रूट्स के दौर में ये एसेट्स काफी महत्वपूर्ण हो गए हैं।
सौदे का गणित और हिस्सेदार
फिलहाल यह डील शुरुआती दौर में है। VTTI में अभी प्रमुख हिस्सेदारों में एनर्जी दिग्गज Vitol और इन्वेस्टमेंट फर्म IFM Investors शामिल हैं, जिनके पास 45-45% की हिस्सेदारी है। वहीं, Abu Dhabi National Oil Company की इसमें 10% हिस्सेदारी है। चर्चा है कि ये कंपनियां अपनी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही हैं। हालांकि, Adani Group को इस एसेट के लिए दुनिया के अन्य बड़े खिलाड़ियों से कड़ी टक्कर मिल सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस तरह के बड़े अंतरराष्ट्रीय निवेश का कंपनी के कैपिटल एलोकेशन पर क्या असर पड़ेगा। ग्रुप पहले से ही पोर्ट्स, एयरपोर्ट्स और डेटा सेंटर्स में तेजी से विस्तार कर रहा है। लार्ज स्केल एक्विजिशन के लिए भारी फंडिंग की जरूरत होती है, जिससे सही तरीके से मैनेज न किए जाने पर कर्ज का बोझ बढ़ने का डर रहता है।
हालांकि Adani Enterprises ने पहले भी संस्थागत निवेशकों से फंडिंग जुटाई है, लेकिन ग्लोबल इंफ्रा के बड़े एसेट्स को हासिल करने के लिए एक सख्त बैलेंस शीट अनुशासन (disciplined balance sheet approach) की जरूरत होगी। बाजार अब इस पर नजर रखेगा कि क्या कंपनी अपनी प्रॉफिट मार्जिन या कर्ज की स्थिति को प्रभावित किए बिना इस तरह के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को अंजाम दे पाती है।
