Adani Energy Solutions (AESL) ने अपनी ट्रांसमिशन स्ट्रैटेजी को रफ्तार दी है। कंपनी 13 नए प्रोजेक्ट्स से ₹9,510 करोड़ की सालाना बिलिंग का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसमें से **63%** दो बड़े रिन्यूएबल एनर्जी कॉरिडोर से आएंगे।
Detailed Coverage
दो बड़े प्रोजेक्ट्स से बढ़ेगा रेवेन्यू
AESL के इन 13 नए प्रोजेक्ट्स में से करीब ₹5,949 करोड़ का योगदान राजस्थान और गुजरात में बन रहे दो हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट (HVDC) ट्रांसमिशन कॉरिडोर से आने वाला है। कंपनी का फोकस HVDC टेक्नोलॉजी पर है ताकि बड़े रिन्यूएबल एनर्जी पार्कों से बिजली को ग्रिड तक पहुंचाया जा सके।
राजस्थान और गुजरात में बन रहे बड़े प्रोजेक्ट्स
राजस्थान में बन रहा भडला- फतेहपुर HVDC सिस्टम, जो क्लीन एनर्जी को नॉर्दर्न ग्रिड से जोड़ेगा, इसके चालू होने पर कंपनी की सालाना बिलिंग में ₹3,557 करोड़ जुड़ने की उम्मीद है। इसमें 2,400 सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइनें होंगी। वहीं, गुजरात के खावडा रिन्यूएबल एनर्जी हब को सपोर्ट करने वाले खावडा साउथ-ओलपाड HVDC प्रोजेक्ट से सालाना ₹2,392 करोड़ का रेवेन्यू आने का अनुमान है।
कैपिटल स्पेंडिंग में बढ़ोतरी
इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए, AESL ने कैपिटल स्पेंडिंग (Capital Spending) बढ़ाई है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में, कंपनी ने अपने ट्रांसमिशन सेगमेंट में ₹2,199 करोड़ का निवेश किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में काफी ज्यादा है।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
हालांकि, कंपनी का लक्ष्य FY29 तक इन प्रोजेक्ट्स को चालू करना है, लेकिन बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में ज़मीन अधिग्रहण में देरी, सरकारी अप्रूवल और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे जोखिम हमेशा बने रहते हैं। निवेशकों को कंपनी के कर्ज (Debt) के स्तर और भविष्य में कैश फ्लो पर भी नज़र रखनी होगी, क्योंकि कंपनी नई क्षमता निर्माण में भारी निवेश कर रही है।
