Adani Energy Solutions: रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा शेयर, SBI Mutual Fund ने ₹958 Cr में खरीदी बड़ी हिस्सेदारी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Adani Energy Solutions: रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा शेयर, SBI Mutual Fund ने ₹958 Cr में खरीदी बड़ी हिस्सेदारी
Overview

Adani Energy Solutions ने **₹1,614.80** का नया 52-हफ्ते का शिखर छुआ है। यह उछाल संस्थागत निवेशकों की खरीदारी की वजह से आया है। SBI Mutual Fund ने GQG Partners से **₹958 करोड़** की हिस्सेदारी खरीदी है, जो पोर्टफोलियो में एक रणनीतिक बदलाव का संकेत है। हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा धोखाधड़ी के आरोपों को खारिज करने के बाद, स्टॉक पिछले एक साल में **75%** से अधिक बढ़ गया है।

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संस्थागत निवेशकों की बड़ी चाल

Adani Energy Solutions का ₹1,614.80 के 52-हफ्ते के नए उच्च स्तर पर पहुंचना, आम निवेशकों की वजह से नहीं, बल्कि बड़े संस्थागत खरीदारों की दिलचस्पी का नतीजा है। एक ब्लॉक डील में SBI Mutual Fund ने GQG Partners से करीब ₹958 करोड़ में 0.52% हिस्सेदारी खरीदी है। यह शेयरधारकों की संरचना में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यह सिर्फ पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग नहीं है। घरेलू फंडों की लगातार खरीद, जो पिछले मई में हुई खरीदारी के बाद बढ़ी है, यह दर्शाती है कि वे कंपनी की ₹71,800 करोड़ की ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट पाइपलाइन का फायदा उठाना चाहते हैं।

वैल्यूएशन और ग्रोथ में अंतर

बाजार इस समय Adani Energy Solutions को सरकारी कंपनियों से अलग, एक खास ग्रोथ प्रीमियम पर देख रहा है। भले ही Power Grid Corporation एक बेंचमार्क है, Adani Energy स्मार्ट मीटरिंग में ₹29,500 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर काम करके 2030 तक 27% EBITDA CAGR की उम्मीद जगा रहा है।

इस ग्रोथ स्टोरी के चलते, कंपनी का TTM PE रेश्यो 83.11 है, जो वैल्यू-आधारित निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। यह स्थिति तब है जब Nifty Energy इंडेक्स को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, Adani Energy ने खुद को निजी क्षेत्र के प्लेयर के रूप में स्थापित किया है।

जोखिमों पर एक नजर

अमेरिकी रिश्वतखोरी के आरोपों को खारिज करने के बावजूद, कंपनी की वित्तीय संरचना पर अभी भी संस्थागत नजरें हैं। 3.3x के नेट डेट/ईबीआईटीडीए रेश्यो के साथ, कंपनी आक्रामक रूप से पूंजी जुटा रही है। FY26 के लिए ग्रुप-व्यापी केपेक्स ₹1.53 लाख करोड़ है।

मैनेजमेंट 17 महीनों की लिक्विडिटी कवरेज का दावा करता है, लेकिन कर्ज चुकाने के लिए लगातार तेज ग्रोथ पर निर्भरता एक बड़ा जोखिम है। सरकारी कंपनियों के विपरीत, Adani Energy डिविडेंड (Dividend) नहीं देता है, जिससे यील्ड-केंद्रित निवेशक दूर रह सकते हैं। अगर ₹71,800 करोड़ के प्रोजेक्ट्स की समय पर डिलीवरी नहीं होती है, तो शेयर में बड़ी गिरावट आ सकती है।

भविष्य की राह

ब्रोकरेज अभी भी 'बाय' रेटिंग बनाए हुए हैं और टारगेट प्राइस ₹1,665 के आसपास रख रहे हैं। निवेशकों की नजरें इस बात पर होंगी कि स्टॉक मौजूदा तेजी को बनाए रख पाता है या नहीं, क्योंकि तकनीकी संकेतक इसे एक साइकोलॉजिकल रेजिस्टेंस लेवल के करीब दिखा रहे हैं। 2023 के हिंडनबर्ग मामले के बाद, कंपनी का फोकस अब ऑपरेशनल परफॉरमेंस और ट्रांसमिशन बैकलाग पर है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.