Adani Electricity का जलवा, लगातार दूसरे साल नंबर 1!
केंद्रीय बिजली मंत्रालय और REC Ltd. की ओर से किए गए सर्वे में Adani Electricity Mumbai Ltd. (AEML) को सर्विस और रिलायबिलिटी के मामले में पूरे भारत में नंबर 1 बिजली वितरण कंपनी चुना गया है। कंपनी ने 92.5 का राष्ट्रीय स्कोर हासिल किया है। यह अवार्ड AEML की तरफ से रिलायबिलिटी, बिलिंग की सटीकता और ग्राहकों की शिकायतों के निपटान में लगातार शानदार प्रदर्शन को दर्शाता है। इस सर्वे में 66 यूटिलिटीज को शामिल किया गया था, जिससे पता चलता है कि देश में परफॉरमेंस-बेस्ड मॉडल की ओर तेजी से बढ़ा जा रहा है, जिसमें डिजिटल तकनीक और ग्राहक जुड़ाव पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इस रेस में Tata Power Delhi Distribution Limited (TPDDL) और Noida Power Company Limited (NPCL) जैसी कंपनियों ने भी अच्छी परफॉरमेंस दिखाई।
पेरेंट कंपनी Adani Energy Solutions के लिए चिंताएं
ऑपरेशनल स्तर पर AEML की सफलता के बावजूद, इसकी पेरेंट कंपनी Adani Energy Solutions Limited (पहले Adani Transmission Ltd. के नाम से जानी जाती थी) के शेयर की चाल बिल्कुल उलट है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, Adani Energy Solutions का trailing twelve-month P/E Ratio 53.08 है, जो इंडस्ट्री के दूसरे खिलाड़ियों जैसे Tata Power (28.80), Torrent Power (22.71) और CESC Ltd. (13.14) की तुलना में काफी ज्यादा है।
इसके अलावा, कंपनी पर कर्ज का बोझ भी काफी ज्यादा है। Adani Energy Solutions का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 2.69 है, जो Torrent Power के 0.55 और Tata Power के 1.86 जैसे प्रतिस्पर्धियों से काफी अधिक है। इससे पता चलता है कि कंपनी की फाइनेंशियल स्ट्रक्चर काफी लीवरेज्ड है। मार्च 2026 तक Adani Energy Solutions का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग $13.21 बिलियन (₹1.1 लाख करोड़) था।
स्टॉक में भारी गिरावट और कर्ज का दबाव
डिस्ट्रीब्यूशन लेवल पर शानदार नतीजों के बावजूद, Adani Energy Solutions के शेयर में पिछले 12 महीनों (मार्च 2026 तक) में 66.64% की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी पर कर्ज का भारी बोझ और उसका हाई P/E Ratio मिलकर निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं। जहां AEML को रेग्युलेटेड रिटर्न और कॉस्ट-प्लस टैरिफ से स्टेबल रेवेन्यू मिल रहा है, वहीं मार्केट का सेंटीमेंट पेरेंट कंपनी के शेयर पर भारी पड़ता दिख रहा है।
भारतीय पावर सेक्टर का भविष्य और एक्सपर्ट्स की राय
भारत का पावर सेक्टर बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जिसमें आने वाले दो दशकों में लगभग ₹200 लाख करोड़ ($2.4 ट्रिलियन) के निवेश का अनुमान है। जनवरी 2026 तक, भारत की इंस्टॉल्ड पावर जनरेशन कैपेसिटी 520.51 GW तक पहुंच गई है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक नॉन-फॉसिल फ्यूल कैपेसिटी को दोगुना करना और 2035-36 तक 1100 GW से अधिक क्षमता हासिल करना है, जिसका मुख्य आधार सोलर और विंड एनर्जी होगी।
इस डायनामिक माहौल में, जहां डिमांड बढ़ रही है, ग्रिड अपग्रेड हो रहे हैं और रिन्यूएबल एनर्जी पर जोर है, Adani Electricity जैसी कंपनियां अच्छी स्थिति में हैं। Adani Energy Solutions के लिए 8 विश्लेषकों ने "Strong Buy" की रेटिंग दी है और 12 महीने का एवरेज प्राइस टारगेट ₹1,129.00 रखा है, जो 11.79% के अपसाइड पोटेंशियल का संकेत देता है। Nifty Energy इंडेक्स ने पिछले 1 साल में 8.81% का रिटर्न दिया है, जो सेक्टर में निवेशकों की रुचि को दर्शाता है।
