नॉन-सोलर घंटों में पावर सप्लाई का वादा
ये FDRE प्रोजेक्ट्स खास तौर पर नॉन-सोलर घंटों के दौरान पीक पावर की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। इसके लिए राजस्थान के मजबूत सोलर रिसोर्सेज और ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि राउंड-द-क्लॉक पावर सप्लाई संभव हो सके। यह कदम ACME Solar के पारंपरिक सोलर पावर जेनरेशन से आगे बढ़कर अपनी पेशकश का विस्तार करता है।
ACME Solar की क्षमता में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा
इन नए PPAs से ACME Solar के प्रोजेक्ट पाइपलाइन में काफी मजबूती आई है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (FY) में कंपनी अब तक 1,690 MW क्षमता हासिल कर चुकी है, जिससे कुल साइन की गई क्षमता अब 6,270 MW तक पहुंच गई है। यह भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ACME Solar की स्थिति को और मज़बूत करता है।
ACME Solar: रिन्यूएबल एनर्जी का एक बड़ा नाम
ACME Solar भारत में एक प्रमुख इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर (IPP) है, जो यूटिलिटी-स्केल सोलर, विंड, हाइब्रिड और FDRE प्रोजेक्ट्स को डेवलप, बिल्ड, ओन और ऑपरेट करती है। कंपनी ने पहले भी SECI के साथ PPAs हासिल किए हैं और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BESS) के साथ काम करने का अनुभव भी रखती है।
कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति
हालिया आंकड़ों के अनुसार (जो नवंबर 2025 तक के हैं), ACME Solar का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 2.01 है और इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो 1.15x है, जो इसके महत्वपूर्ण लीवरेज को दर्शाता है। फाइनेंशियल ईयर 2026 की दूसरी तिमाही में, कंपनी का पैट (PAT) मार्जिन 22.90% रहा, जबकि इसका ऑपरेटिंग मार्जिन 89.50% था। हालांकि, बढ़ते डेप्रिसिएशन और इंटरेस्ट खर्चों के कारण PAT मार्जिन पर कुछ असर पड़ा।
संभावित जोखिम और टैरिफ
कंपनी को अतीत में कुछ रेगुलेटरी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जैसे कि प्रोजेक्ट कमीशनिंग में देरी, जिसके चलते सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) से एक्सटेंशन और पेनल्टी मिली। इसके अलावा, ट्रांसमिशन चार्जेस को लेकर भी विवाद हुए थे। SJVN PPAs के लिए नई टैरिफ ₹6.74 प्रति यूनिट तय की गई है।
कॉम्पिटिटिव मार्केट में ACME Solar
ACME Solar टाटा पावर सोलर, अदानी सोलर और वारी एनर्जीज जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ एक कॉम्पिटिटिव मार्केट में काम करती है। जहां ACME FDRE और हाइब्रिड सॉल्यूशंस पर फोकस करती है, वहीं उसके प्रतिस्पर्धी इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग, ईपीसी (EPC) सर्विसेज और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग में भी सक्रिय हैं।
आगे क्या देखना होगा
इन प्रोजेक्ट्स के सप्लाई शुरू होने की अनुमानित तारीख 1 मार्च, 2028 है। निवेशक इन नए प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन, कंपनी के लगातार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस, डेट मैनेजमेंट और भविष्य में क्षमता बढ़ाने की उसकी काबिलियत पर करीब से नज़र रखेंगे।