ACME Solar ने Solar Energy Corporation of India (SECI) के साथ **300 MW** का पावर परचेज एग्रीमेंट साइन किया है। कंपनी **₹6** प्रति यूनिट की दर पर शाम के पीक आवर्स में बिजली सप्लाई करेगी, जिसके लिए बैटरी स्टोरेज का इस्तेमाल किया जाएगा।
सोलर से आगे की तैयारी
यह डील पारंपरिक सोलर प्रोजेक्ट्स से काफी अलग है। यह 'Firm and Dispatchable Renewable Energy' (FDRE) फ्रेमवर्क के तहत आती है। कंपनी को प्रति मेगावाट 4 MWh ऊर्जा हर दिन 4 घंटे तक देनी होगी, चाहे सूरज की रोशनी हो या न हो। इसके लिए कंपनी सोलर इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ बड़े पैमाने पर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम का इस्तेमाल करेगी। इस हाइब्रिड मॉडल के जरिए कंपनी अब रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट के उस प्रीमियम सेगमेंट में उतर रही है, जहां भरोसेमंद बिजली की मांग बहुत ज्यादा है।
पोर्टफोलियो का विस्तार
इस नए कॉन्ट्रैक्ट के साथ ACME Solar का अंडर-कंस्ट्रक्शन पोर्टफोलियो 4,310 MW हो गया है, जबकि कुल कॉन्ट्रैक्टेड पाइपलाइन अब 5,380 MW तक पहुंच गई है। कंपनी को हर महीने कम से कम 90% बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।
रिस्क और चुनौतियां
बैटरी स्टोरेज को सोलर प्रोजेक्ट्स के साथ जोड़ना तकनीकी रूप से काफी जटिल है। इससे इक्विपमेंट सोर्सिंग और मेंटेनेंस की लागत बढ़ सकती है। साथ ही, प्रॉफिटेबिलिटी इस पर निर्भर करेगी कि कंपनी अपनी लागत को कैसे मैनेज करती है और रेगुलेटर के सख्त नियमों का पालन कैसे करती है। यह प्रोजेक्ट अक्टूबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है, जिस पर निवेशकों की नजरें रहेंगी।
