सुरक्षा खामियों के चलते eMudhra ने ग्लोबल SSL मार्केट से बाहर निकलने का बड़ा फैसला लिया है। वहीं दूसरी तरफ, सरकार ने 2026-27 सीजन के लिए एथेनॉल उत्पादन पर नई पाबंदियां लगा दी हैं, जिसका असर शुगर मिलों के मुनाफे पर पड़ सकता है।
eMudhra की अंतरराष्ट्रीय कारोबार में बड़ी हलचल
डिजिटल ट्रस्ट प्रोवाइडर eMudhra ने एक सुरक्षा घटना के बाद ग्लोबल SSL/TLS सर्टिफिकेट सेक्टर से हटने का ऐलान किया है। कंपनी ने पुष्टि की है कि उसके 8 इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट्स की प्राइवेट कीज (private keys) लीक हो गई थीं, जिसके बाद 19 अक्टूबर को उन्हें रद्द कर दिया गया। हालांकि, कंपनी का कहना है कि उनके मुख्य डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट और eSign ऑपरेशंस पूरी तरह सुरक्षित हैं। फिलहाल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया इस मामले की जांच कर रहे हैं।
शुगर सेक्टर पर सरकारी डंडा
खाद्य मंत्रालय ने 2026-27 सप्लाई ईयर के लिए गन्ने के रस और बी-हेवी मोलासेस के इस्तेमाल से एथेनॉल बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। हाल के वर्षों में कई शुगर कंपनियों ने एथेनॉल कैपेसिटी पर भारी निवेश किया था, जो उनके मुनाफे का एक बड़ा जरिया था। अब इस रास्ते के बंद होने से मिलों को शुगर प्रोडक्शन बढ़ाना पड़ेगा, जिससे घरेलू बाजार में चीनी की सप्लाई बढ़ सकती है और कीमतों पर दबाव देखने को मिल सकता है।
साइबर सिक्योरिटी और क्रिप्टो मार्केट में चुनौती
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो, CERT-In ने PHP प्रोग्रामिंग भाषा में 2 गंभीर कमजोरियों को लेकर चेतावनी जारी की है, क्योंकि भारत के 67% .in वेबसाइट्स इसी पर आधारित हैं। वहीं, क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX ने लेगेसी वॉलेट इंफ्रास्ट्रक्चर में खराबी के चलते $16 मिलियन का नुकसान दर्ज किया है, हालांकि एक्सचेंज ने यूजर्स के फंड को रीइम्बर्स कर दिया है।
भारत-पोलैंड व्यापार संबंध
भारत और पोलैंड ने 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। दोनों देश मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर्स और डिफेंस के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे, साथ ही 'इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर' के जरिए कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
