वर्ल्ड बैंक ने भारत की फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए ग्रोथ रेट का अनुमान बढ़ाकर **7.1%** कर दिया है। मजबूत डोमेस्टिक डिमांड और इंडस्ट्रियल सेक्टर के दम पर भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है।
वर्ल्ड बैंक की 'साउथ एशिया इकोनॉमिक अपडेट' रिपोर्ट ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए उम्मीद की नई किरण दिखाई है। पहले के अनुमानों के मुकाबले इसमें 50 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की गई है। इस तेजी के पीछे मुख्य कारण इंडस्ट्रियल और सर्विस सेक्टर का शानदार प्रदर्शन रहा है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़े इंजन की तरह काम कर रहे हैं।
स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स का बड़ा असर
रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि GST, IBC (इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड) और लेबर कोड जैसे रिफॉर्म्स ने भारतीय कंपनियों की प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। इंफ्रास्ट्रक्चर में हो रहे भारी सरकारी निवेश ने भी कंपनियों को ग्लोबल मार्केट की उथल-पुथल से लड़ने की मजबूती दी है।
मानसून और ग्रामीण मांग का जोखिम
हालांकि, सब कुछ एकदम सही नहीं है। वर्ल्ड बैंक ने कृषि क्षेत्र को लेकर चिंता जताई है। 1960 के बाद से इस साल का मानसून सबसे खराब रहा है, जिससे ग्रामीण आय और परचेजिंग पावर पर दबाव बढ़ सकता है। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों के रिजल्ट्स में FMCG और फर्टिलाइजर कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि ग्रामीण डिमांड में कमी आने का सीधा असर इन पर दिखेगा।
AI अडॉप्शन में भारत के पास बड़ा मौका
टेक्नोलॉजी के मोर्चे पर रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत की केवल 23.4% कंपनियों ने AI को अपनाया है, जबकि अमेरिका में यह आंकड़ा 42.7% है। यह अंतर भारत के IT सेक्टर के लिए एक बड़ा अवसर है। जैसे-जैसे ऑटोमेशन बढ़ेगा, भारतीय कंपनियां ग्लोबल वैल्यू चेन में और बेहतर सर्विस रोल निभा सकती हैं, बशर्ते एजुकेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर के गैप को भरा जाए।
