World Bank Report: भारत पर AI का खतरा सीमित, केवल **22%** जॉब्स पर असर की आशंका

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
World Bank Report: भारत पर AI का खतरा सीमित, केवल **22%** जॉब्स पर असर की आशंका

वर्ल्ड बैंक (World Bank) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में केवल **22%** वर्कफोर्स ही AI ऑटोमेशन की चपेट में है। विकसित देशों के **60%** के मुकाबले यह आंकड़ा काफी कम है, जो भारतीय बाजार के लिए एक बड़ी राहत है।

क्या AI से नौकरियों पर संकट है?

वर्ल्ड बैंक की हालिया रिपोर्ट ने AI के दौर में भारतीय जॉब मार्केट की एक सकारात्मक तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था कृषि और ट्रेड पर ज्यादा निर्भर है, जो इसे AI के तेजी से होने वाले बदलावों से बचाने का काम करती है। केवल 8% नौकरियां ऐसी हैं जिन्हें AI टूल्स पूरी तरह से बदल सकते हैं।

IT सेक्टर का बदलता चेहरा

निवेशकों के लिए IT सेक्टर में हो रहा संरचनात्मक बदलाव (Structural Transition) अहम है। जहां बड़ी IT कंपनियों ने महामारी के बाद से 64,000 कर्मचारियों की कटौती की है, वहीं ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) और उभरते हुए सेक्टर्स ने इसी दौरान लगभग 7,00,000 नई नौकरियां पैदा की हैं। यह ग्रोथ पारंपरिक IT नौकरियों में आई गिरावट की भरपाई करने में कामयाब रही है।

चुनौतियां जो निवेशकों को जाननी चाहिए

सब कुछ ठीक नहीं है—रिपोर्ट में कुछ रिस्क फैक्टर्स भी बताए गए हैं। IT सेक्टर में एंट्री-लेवल हायरिंग की सुस्त रफ्तार के कारण 15 से 29 साल के युवाओं में बेरोजगारी दर 15.9% पर बनी हुई है। इसके अलावा, AI का खतरा मुख्य रूप से हाई-इनकम ग्रुप पर है, जिसका सीधा असर भविष्य में घरेलू खपत और बचत पर पड़ सकता है।

आगे का रास्ता

वर्ल्ड बैंक के अनुसार, भारत को अब अपनी 'कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर' और कैपिटल की कमी को पूरा करने के लिए प्राइवेट सेक्टर के निवेश की जरूरत है। फिलहाल 23% फॉर्मल और 39% इनफॉर्मल कंपनियां AI का इस्तेमाल कर रही हैं। लंबी अवधि में वही कंपनियां सस्टेनेबल होंगी जो अपने वर्कफोर्स को AI के साथ काम करने के लिए ट्रेन करेंगी और पारंपरिक सेवाओं से हटकर GCC जैसे हाई-वैल्यू रोल्स की ओर बढ़ेंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.