वेस्ट बंगाल में अक्टूबर **2026** के दौरान GST रेवेन्यू में जोरदार उछाल देखा गया है। त्योहारों के सीजन में बढ़ी खरीदारी और बेहतर टैक्स कंप्लायंस के चलते राज्य का कलेक्शन **₹6,055 करोड़** के स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले **17%** ज्यादा है।
आंकड़ों की मजबूती
अक्टूबर 2026 के आंकड़े काफी उत्साहजनक हैं। पिछले साल इसी महीने में राज्य ने ₹5,175 करोड़ का कलेक्शन किया था, जो इस बार बढ़कर ₹6,055 करोड़ हो गया है। यह तेजी त्योहारी सीजन के दौरान देश भर में बढ़ी खपत और बेहतर टैक्स अनुपालन (tax compliance) का नतीजा है। अगर हम इस फाइनेंशियल ईयर के पहले 7 महीनों (अप्रैल से अक्टूबर) की बात करें, तो कुल GST कलेक्शन ₹29,608 करोड़ रहा है, जो पिछले साल के ₹27,109 करोड़ के मुकाबले 9% की स्थिर बढ़त दर्शाता है।
नेशनल ट्रेंड का असर
वेस्ट बंगाल का यह प्रदर्शन नेशनल ट्रेंड के अनुरूप है। देश का ग्रॉस GST कलेक्शन इस महीने ₹2.31 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। इसमें इंपोर्ट-रिलेटेड टैक्स में 42.2% का बड़ा उछाल और डोमेस्टिक कलेक्शंस में 15.8% की बढ़ोतरी मुख्य रही है।
केंद्र सरकार का सपोर्ट और फिसकल चुनौतियां
राज्य की वित्तीय स्थिति को सहारा देने के लिए केंद्र सरकार ने टैक्स डिवॉल्यूशन (tax devolution) के तहत ₹7,866 करोड़ की अग्रिम किस्त जारी की है। इसका मकसद राज्यों को इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और वेलफेयर स्कीम्स के लिए लिक्विडिटी की कमी न होने देना है।
हालांकि, जानकार मानते हैं कि रेवेन्यू में यह उछाल शॉर्ट-टर्म राहत तो है, लेकिन राज्य के सामने अभी भी कर्ज का ऊंचा बोझ (debt-to-GSDP ratio) और फिस्कल डेफिसिट जैसी संरचनात्मक चुनौतियां बनी हुई हैं। भविष्य में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद क्या यह मोमेंटम बना रहता है या नहीं और राज्य अपने कर्ज के भुगतान और विकास कार्यों में संतुलन कैसे बिठाता है।
