West Bengal सरकार ने नई इंडस्ट्रियल लैंड पॉलिसी का ऐलान किया है, जिसका फोकस डायरेक्ट परचेज और लैंड पूलिंग पर है। राज्य में **₹60,000 करोड़** के **33** बड़े प्रोजेक्ट्स लाने की तैयारी है, जो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को रफ्तार देंगे।
बड़े निवेश की तैयारी
West Bengal सरकार अपनी औद्योगिक नीतियों में बड़े बदलाव करने जा रही है। दुर्गा पूजा से पहले नई लैंड पॉलिसी पेश की जाएगी, जिसमें सरकार खुद जमीन अधिग्रहण करने के बजाय 'लैंड पूलिंग' और 'डायरेक्ट परचेज' मॉडल को प्राथमिकता देगी। इससे उन कानूनी और प्रक्रियात्मक अड़चनों को दूर करने में मदद मिलेगी जो पहले औद्योगिक विस्तार में रुकावट बनती थीं।
33 प्रोजेक्ट्स और 62,000 नौकरियां
प्रशासन ने 580 एकड़ जमीन हैंडओवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि 33 औद्योगिक वेंचर्स को जमीन पर उतारा जा सके। इन प्रोजेक्ट्स में कुल ₹60,000 करोड़ का निवेश आने का अनुमान है और इससे करीब 62,000 लोगों को रोजगार मिल सकता है। सरकार ने इन प्रोजेक्ट्स को 3 साल के भीतर पूरा करने का अनिवार्य लक्ष्य रखा है। इसमें पुरुलिया में Jupiter Defence Private Ltd का डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी शामिल है।
कॉरपोरेट सेक्टर का रुझान
सरकार ने इंडस्ट्री को लुभाने के लिए ₹5,000 करोड़ का एक अलग इंसेंटिव फंड भी बनाया है। कई बड़े दिग्गज इसमें रुचि ले रहे हैं—जैसे Reliance Industries अपने मल्टी-सेक्टर प्लान पर विचार कर रही है और Adani Group न्यू टाउन में हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर गौर कर रहा है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि पॉलिसी में बदलाव सकारात्मक है, लेकिन निवेशकों के लिए असली परीक्षा 'एक्जीक्यूशन' (Execution) की होगी। राज्य का इतिहास रहा है कि जमीन अधिग्रहण से जुड़ी सामाजिक खींचतान ने कई प्रोजेक्ट्स को रोका है। निवेशकों को यह देखना होगा कि सरकार बिना किसी विवाद के जमीन ट्रांसफर और 'सिंगल विंडो' क्लीयरेंस कैसे सुनिश्चित करती है।
