पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने राज्य में निवेश को रफ्तार देने के लिए एक नई औद्योगिक नीति को मंजूरी दी है। इसमें जमीन आवंटन और रेगुलेटरी क्लियरेंस की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है, जिसका पूरा रोडमैप **5 नवंबर** को जारी किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए एक नई और व्यापक नीति को हरी झंडी दे दी है। 5 नवंबर को इस नीति का पूरा रोडमैप सार्वजनिक किया जाएगा, जिससे राज्य की लॉन्ग-टर्म इकोनॉमिक रणनीति की पहली तस्वीर साफ होगी। इस नीति का मुख्य केंद्र जमीन आवंटन और रेगुलेटरी मंजूरियों की जटिल प्रक्रिया को सरल बनाना है। निवेशकों के लिए यह एक बड़ा कदम है, क्योंकि अतीत में जमीन अधिग्रहण और नौकरशाही की देरी को लेकर चिंताएं बनी रहती थीं। अब देखना यह होगा कि ये नए नियम प्रोजेक्ट्स में लगने वाले समय को कम करने में कितने प्रभावी साबित होते हैं।
प्रशासनिक और शिक्षा क्षेत्र में सुधार
औद्योगिक प्रोत्साहन के साथ-साथ कैबिनेट ने शिक्षा विभाग में बड़े प्रशासनिक बदलाव किए हैं। अब स्कूल सर्विस कमीशन के जरिए होने वाली नियुक्तियों में नए नियम लागू होंगे, जिसके तहत भविष्य में भर्ती होने वाले शिक्षक राजनीति में शामिल नहीं हो सकेंगे। इसके अलावा, राज्य सरकार ने हेल्थ, अर्बन डेवलपमेंट और एनिमल रिसोर्सेज विभाग में 1,199 नए पदों को भी मंजूरी दी है। बाजार के जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि बड़े पैमाने पर होने वाली यह भर्तियां राज्य के फिस्कल हेल्थ पर क्या असर डालती हैं।
किसानों को तोहफा और अन्य घोषणाएं
राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए वेलफेयर सपोर्ट भी बढ़ाया है। 'मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि' योजना के तहत पात्र किसानों को अब अतिरिक्त ₹3,000 की सहायता दो किश्तों में दी जाएगी। हालांकि, यह कदम ग्रामीण खपत को सहारा दे सकता है, लेकिन यह राज्य के सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ भी बढ़ाएगा। इसके साथ ही, चोरबगान के दुर्गा पूजा पंडाल हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के लिए सरकार ने ₹25 लाख के मुआवजे की घोषणा की है। त्योहारी सीजन के दौरान औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि बिजनेस और कामकाज में कोई रुकावट न आए।
