अमेरिका में 10-साल के ट्रेजरी यील्ड्स **5.34%** के स्तर पर पहुंच गए हैं, जो **2002** के बाद सबसे अधिक है। बावजूद इसके, निवेशक धड़ल्ले से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयरों में पैसा लगा रहे हैं, जबकि कंपनियों पर बढ़ते कर्ज ने मार्केट में बड़ा जोखिम खड़ा कर दिया है।
ग्लोबल शेयर बाजार इन दिनों एक अजीब स्थिति का सामना कर रहा है। आमतौर पर जब सरकारी बॉन्ड यील्ड्स बढ़ते हैं, तो शेयर बाजार कम आकर्षक हो जाते हैं क्योंकि निवेशक बॉन्ड से सुरक्षित रिटर्न की उम्मीद करते हैं। लेकिन अभी AI सेक्टर के प्रति निवेशकों का भरोसा इतना ज्यादा है कि वे बढ़ती ब्याज दरों के खतरे को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहे हैं।
कर्ज के दम पर विस्तार की होड़
पहले टेक कंपनियां अपनी कैश रिजर्व से ग्रोथ को फंड करती थीं, लेकिन अब यह मॉडल बदल चुका है। 2026 में टेक दिग्गज AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगभग $863 बिलियन खर्च करने वाले हैं। इसमें से $282 बिलियन यानी कुल खर्च का लगभग एक-तिहाई हिस्सा कर्ज (Debt) लेकर जुटाया जा रहा है। अगर उधारी की लागत और बढ़ती है, तो ब्याज का बोझ सीधे कंपनियों के नेट प्रॉफिट पर चोट करेगा।
मार्जिन डेट और मार्केट की कमजोरी
निवेशकों की व्यक्तिगत भागीदारी भी बाजार को और नाजुक बना रही है। जून 2026 तक मार्जिन डेट (शेयर खरीदने के लिए ब्रोकर से लिया गया उधार) रिकॉर्ड $1.5 ट्रिलियन के स्तर को छू गया। इतनी भारी लीवरेज का मतलब है कि अगर बाजार में अचानक गिरावट आती है, तो 'फोर्स्ड सेलिंग' (Forced Selling) का खतरा बढ़ जाएगा, जो गिरावट को और गहरा कर सकता है।
आने वाले समय में क्या रखें ध्यान?
बाजार फिलहाल इस उम्मीद पर टिका है कि AI का प्रोडक्टिविटी बूस्ट जल्द ही मुनाफे में तब्दील होगा। हालांकि, अगर यह मुनाफा उम्मीद के मुताबिक नहीं आया, तो वैल्युएशन में भारी सुधार (Correction) संभव है। आने वाले समय में अमेरिकी महंगाई दर (Inflation) और फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर नजर रखना जरूरी है। अगर फेड की दरें लंबी अवधि तक ऊंची बनी रहती हैं, तो टेक कंपनियों के कर्ज और उनके स्टॉक्स के वैल्युएशन पर दबाव और बढ़ेगा।
