WTO Report 2026: ग्लोबल ट्रेड में बिखराव का खतरा, दुनिया की GDP को लग सकता है **10%** का झटका

ECONOMY
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AuthorKaran Malhotra|Published at:
WTO Report 2026: ग्लोबल ट्रेड में बिखराव का खतरा, दुनिया की GDP को लग सकता है **10%** का झटका

WTO की 'वर्ल्ड ट्रेड रिपोर्ट 2026' ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, यदि व्यापार नियमों में सुधार नहीं हुआ, तो साल **2050** तक ग्लोबल GDP में **10%** तक की भारी गिरावट आ सकती है।

व्यापार का बदलता स्वरूप और आर्थिक जोखिम

वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (WTO) की नई रिपोर्ट ने वैश्विक व्यापार प्रणाली के लिए पिछले 8 दशकों में इसे सबसे बड़ा संकट बताया है। यदि दुनिया अलग-अलग आर्थिक गुटों में बंटती है, तो इसका सीधा असर देशों की ग्रोथ और एक्सपोर्ट पर पड़ेगा।

तीन बड़े आर्थिक परिदृश्य (Economic Scenarios)

रिपोर्ट ने 2050 तक की स्थिति को लेकर 3 मुख्य रास्ते बताए हैं:

  • सहयोग का रास्ता: अगर बहुपक्षीय व्यापार (Multilateral trade) मजबूत होता है, तो ग्लोबल GDP में 2.9% की बढ़ोतरी और एक्सपोर्ट में 18% तक का उछाल आ सकता है।
  • बिखराव का असर: यदि दुनिया प्रतिद्वंद्वी आर्थिक गुटों में बंटती है, तो GDP 5.1% गिर सकती है और एक्सपोर्ट में 18.6% की गिरावट आ सकती है।
  • सबसे बुरा दौर: अगर बहुपक्षीय व्यापार पूरी तरह टूट जाता है, तो ग्लोबल GDP 6.9% तक सिकुड़ सकती है और एक्सपोर्ट 26.9% तक गिर सकते हैं। कुल मिलाकर, अवसर लागत (Opportunity cost) को जोड़ें तो यह नुकसान 10% तक पहुंच सकता है।

निवेशकों के लिए क्यों है यह चिंताजनक?

वर्तमान में, वैश्विक व्यापार का 72% हिस्सा 'मोस्ट-फेवर्ड-नेशन' (Most-favored-nation) शर्तों के तहत होता है, जो 2022 में 80% था। इसका मतलब है कि व्यापार अब पहले जैसा भरोसेमंद नहीं रहा। 'फ्रेंड-शोरिंग' (Friend-shoring) और क्षेत्रीय व्यापारिक गुटों के बढ़ने से मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर में अनिश्चितता पैदा हो रही है। लंबे समय के निवेश (Long-term investment) के लिए यह एक बड़ा सिरदर्द है, क्योंकि सप्लाई चेन में अचानक आए बदलाव किसी भी कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को बिगाड़ सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.