World Trade Organization (WTO) ने 2026 के लिए ग्लोबल मर्चेंडाइज ट्रेड का अनुमान बढ़ाकर **3.9%** कर दिया है। इसके पीछे मुख्य वजह AI हार्डवेयर की मांग में आया **67%** का भारी उछाल है, जबकि भू-राजनीतिक तनावों के कारण सर्विस सेक्टर का आउटलुक घटाकर **3.3%** कर दिया गया है।
AI का तूफानी असर
इस रिकवरी की सबसे बड़ी वजह AI से जुड़ी तकनीक है। एडवांस सेमीकंडक्टर्स और सर्वर्स जैसे सामानों की ट्रेड वॉल्यूम में साल-दर-साल 67% की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। यह निवेश का दौर टेक्नोलॉजी सेक्टर में चल रहे भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर को दर्शाता है, जिससे सेमीकंडक्टर और सर्वर असेंबली सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनियों को बड़ा फायदा मिल रहा है।
सर्विस सेक्टर पर दबाव
जहां गुड्स ट्रेड में मजबूती दिख रही है, वहीं सर्विस सेक्टर के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। WTO ने 2026 के लिए सर्विस ट्रेड ग्रोथ के अनुमान को पहले के 4.8% से घटाकर अब 3.3% कर दिया है। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनावों के कारण इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म और कंस्ट्रक्शन जैसे क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। लॉजिस्टिक दिक्कतों और एनर्जी कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर इन सर्विस इंडस्ट्रीज पर पड़ रहा है।
रीजनल ट्रेंड्स (Regional Trends)
एशिया का दबदबा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में कायम रहेगा, जहां एक्सपोर्ट में 9.9% की ग्रोथ का अनुमान है। वहीं, संघर्षों से प्रभावित इलाकों का हाल उल्टा है। मिडिल ईस्ट में एनर्जी और कमोडिटी शिपमेंट बाधित होने के कारण एक्सपोर्ट में 17.2% तक की गिरावट आ सकती है।
निवेशकों के लिए नजरिया
इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम से जुड़ी कंपनियों में डिमांड बनी रहने की उम्मीद है, लेकिन रॉ मटेरियल की लागत पर नजर रखना जरूरी है। इसके उलट, लॉजिस्टिक्स और शिपिंग सेक्टर की कंपनियों के मार्जिन पर तब तक दबाव बना रह सकता है जब तक ग्लोबल ट्रेड रूट्स अस्थिर हैं और फ्यूल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं।
