पश्चिम बंगाल के सरिशा में एक TMC ऑफिस से **₹1.02 करोड़** कैश बरामद होने के बाद सूबे की राजनीति में भूचाल आ गया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इसे सरकारी राजस्व के गबन से जोड़ा है, जबकि TMC ने इसे विपक्षी दल की साजिश करार दिया है।
पश्चिम बंगाल के सरिशा, डायमंड हार्बर स्थित तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दफ्तर से ₹1.02 करोड़ नकद मिलने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। 3 नवंबर 2026 को हुई इस जब्ती ने सार्वजनिक धन के प्रबंधन को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।\n\nयह बरामदगी TMC नेता अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय से पूछताछ के दौरान सामने आई। सुमित रॉय पहले से ही जमीन और मिट्टी की चोरी के मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री अधिकारी ने दावा किया कि यह पैसा सरकारी खजाने से निकाला गया है और इसे गलत तरीके से पार्टी ऑफिस में भेजा गया था।\n\n### TMC का पलटवार\n\nतृणमूल कांग्रेस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी नेतृत्व, जिसमें अभिषेक बनर्जी भी शामिल हैं, का कहना है कि यह पूरा मामला मनगढ़ंत है और BJP ने खुद वहां सबूत प्लांट किए हैं। TMC ने दावा किया कि इस दफ्तर में पहले भी तोड़फोड़ की गई थी और यह विरोधियों द्वारा उनकी छवि खराब करने की एक सोची-समझी कोशिश है।\n\n### निवेशकों के लिए क्यों जरूरी है यह विवाद?\n\nहालांकि यह एक राजनीतिक घटना है, लेकिन राज्य में बिजनेस के माहौल पर इसका असर पड़ सकता है। निवेशक अक्सर इस तरह के घटनाक्रमों पर नजर रखते हैं, क्योंकि राजनीतिक अस्थिरता का असर प्रशासनिक फैसलों, सरकारी ऑक्शन (Auction) की पारदर्शिता और पब्लिक प्रोजेक्ट्स की गति पर पड़ सकता है।\n\n### आगे की जांच पर नजर\n\nफिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह पैसा किसका है और इसका इस्तेमाल कहां होना था। बाजार के जानकारों और निवेशकों की नजरें अब जांच के नतीजों पर टिकी हैं, क्योंकि इससे यह स्पष्ट होगा कि राज्य की प्रशासनिक और रेगुलेटरी व्यवस्था कितनी स्थिर रहने वाली है।
