सितंबर 2026 में शाकाहारी थाली की कीमत बढ़कर **₹30.8** हो गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह प्याज के दामों में आया **89%** का उछाल है। हालांकि, बाजार में अब नई खरीफ फसल की आवक शुरू होने से राहत की उम्मीद है।
देश में आम आदमी की थाली पर महंगाई की मार साफ देखी जा रही है। सितंबर 2026 में एक शाकाहारी थाली की औसत कीमत ₹30.8 दर्ज की गई, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह ₹28.1 थी। इस उछाल के पीछे मुख्य विलेन प्याज बना, जिसकी कीमतें 89% बढ़कर करीब ₹53 प्रति किलो तक पहुंच गईं। इसके साथ ही एडिबल ऑयल, चावल और एलपीजी की कीमतों ने भी रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।
राहत की किरण (Supply Outlook)
राहत की बात यह है कि अब सप्लाई में सुधार दिख रहा है। 126 शहरों में प्याज के भाव कम होने लगे हैं क्योंकि कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और राजस्थान से नई खरीफ फसल मंडियों में आने लगी है। महाराष्ट्र की मंडियों में सितंबर के मध्य से अक्टूबर की शुरुआत के बीच प्याज के दामों में 13% की गिरावट आई है। साथ ही, सरकार द्वारा बफर स्टॉक से की जा रही सप्लाई भी कीमतों को नियंत्रित करने में मदद कर रही है।
अन्य कमोडिटीज का हाल
प्याज तो सस्ता हो रहा है, लेकिन दूसरी मुश्किलें अभी बरकरार हैं। भू-राजनीतिक तनाव और अल-नीनो के चलते पाम ऑयल पर संकट के कारण खाने के तेल के दाम 12% ऊपर हैं। वहीं, धान की पैदावार में 5 से 6% की कमी की आशंका से चावल की कीमतों पर भी दबाव बना हुआ है।
नॉन-वेज थाली की बात करें तो इसमें तुलनात्मक रूप से कम यानी 6% की तेजी देखी गई, जिसकी कीमत ₹59.5 रही। ब्रॉयलर चिकन के दाम स्थिर रहने से नॉन-वेज खाने वालों को थोड़ी राहत जरूर मिली है। अब सबकी नजरें खरीफ फसल की कटाई और सरकारी हस्तक्षेप पर टिकी हैं कि क्या त्योहारों के इस सीजन में महंगाई पर लगाम लग पाएगी या नहीं।
