उत्तर प्रदेश की नई उड़ान: BIMARU टैग को नकारा, $1 ट्रिलियन इकोनॉमी का है बड़ा टारगेट

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AuthorAditya Rao|Published at:
उत्तर प्रदेश की नई उड़ान: BIMARU टैग को नकारा, $1 ट्रिलियन इकोनॉमी का है बड़ा टारगेट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य को 'BIMARU' श्रेणी से बाहर निकालने का ऐलान किया है। राज्य का लक्ष्य 2030 तक **$1 ट्रिलियन** की इकोनॉमी बनना है। रिटेल निवेशकों की भागीदारी में यूपी अब देश में दूसरे नंबर पर है, जो राज्य की बदलती आर्थिक तस्वीर को दर्शाता है।

आर्थिक बदलाव की कहानी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया कि अब उत्तर प्रदेश पिछड़े राज्यों की सूची से बाहर निकलकर देश की GDP का एक प्रमुख हिस्सा बन चुका है। राज्य सरकार का पूरा फोकस इंडस्ट्रियल-लेड ग्रोथ और बेहतर प्रशासनिक नीतियों पर है।

$1 ट्रिलियन का लक्ष्य और बजट

2030 तक $1 ट्रिलियन इकोनॉमी का लक्ष्य पाने के लिए राज्य सरकार ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए ₹9.12 ट्रिलियन से अधिक का बजट पेश किया है। इसमें सबसे बड़ी प्राथमिकता एक्सप्रेसवे और रीजनल कनेक्टिविटी जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स हैं। इसके अलावा, 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) स्कीम के जरिए स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को वैश्विक स्तर पर ले जाने की तैयारी है।

रिटेल निवेशकों का गढ़

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के ताजा आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश अब रिटेल निवेशकों के लिए एक बड़ा केंद्र बन चुका है। निवेशकों की संख्या के मामले में राज्य अब महाराष्ट्र के बाद दूसरे स्थान पर है। यह मिडिल क्लास की बढ़ती वित्तीय जागरूकता और राज्य के औद्योगिक विकास का सीधा परिणाम है।

चुनौतियां और भविष्य की राह

हालांकि विकास की रफ्तार तेज है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक इस गति को बनाए रखने के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स का समय पर पूरा होना जरूरी है। प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) और युवाओं में बेरोजगारी जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि सरकार अपने भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर और कर्ज के बीच कैसे संतुलन बिठाती है और भविष्य में निजी निवेश को कितना आकर्षित कर पाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.