RBI Rate Hike का असर: इस फेस्टिव सीजन खर्च में आएगी **6%** की भारी गिरावट

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AuthorAditya Rao|Published at:
RBI Rate Hike का असर: इस फेस्टिव सीजन खर्च में आएगी **6%** की भारी गिरावट

फेस्टिव सीजन में भारतीय घरों का बजट बिगड़ता दिख रहा है। बढ़ती महंगाई और RBI द्वारा रेपो रेट में **25 बेसिस पॉइंट्स** की बढ़ोतरी के चलते इस साल शहरी खर्च गिरकर **₹1.97 लाख करोड़** रहने का अनुमान है।

इस फेस्टिव सीजन में शहरी परिवारों ने अपनी कमर कस ली है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, कुल खर्च में 6% की गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे आंकड़ा ₹1.97 लाख करोड़ पर सिमटता नजर आ रहा है। इसके पीछे मुख्य वजह आम आदमी पर पड़ रही दोहरी मार है: एक तरफ जिद्दी महंगाई और दूसरी तरफ RBI द्वारा ब्याज दरों में की गई वृद्धि।

महंगी हुई EMI, कम हुआ उत्साह

7 अक्टूबर 2026 को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाकर 5.50% कर दिया था। इस कदम का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ा है। लोन महंगे होने के कारण अब लोग लग्जरी या गैर-जरूरी चीजों के बजाय बचत पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। कंज्यूमर अब अपनी जरूरतों को सीमित कर रहे हैं, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स और बड़े खर्चों की मांग में कमी आई है।

कंजम्पशन सेक्टर पर दबाव

सितंबर में रिटेल महंगाई दर 5.54% रही, जबकि फूड इंफ्लेशन 7.74% के ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। जब घर की रसोई और जरूरी खर्चों पर ही ज्यादा पैसा खर्च हो रहा हो, तो लोग शौक-मौज के लिए पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं। इस बदलाव का सीधा असर ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल एस्टेट जैसे सेक्टर्स पर पड़ा है।

स्टॉक मार्केट में भी इन सेक्टर्स से जुड़ी कंपनियों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अब निवेशकों की नजर आने वाले क्वार्टरली रिजल्ट्स पर टिकी है। यह देखना अहम होगा कि क्या कंपनियां गिरती मांग और कच्चे माल की बढ़ती लागत के बीच अपने मार्जिन को बचा पाती हैं या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.