Uber के CEO का बड़ा फरमान: कंपनी की कमाई बनाए रखने के लिए अब 'वीकेंड' पर भी काम जरूरी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Uber के CEO का बड़ा फरमान: कंपनी की कमाई बनाए रखने के लिए अब 'वीकेंड' पर भी काम जरूरी

Uber के CEO Dara Khosrowshahi ने एक सख्त वर्क कल्चर लागू किया है, जिसके तहत कर्मचारियों को वीकेंड पर भी रिस्पॉन्सिव रहना अनिवार्य होगा। कंपनी का मानना है कि इसी अनुशासन के दम पर वे भारी घाटे से उबरकर **$9.8 बिलियन** के फ्री कैश फ्लो तक पहुंच पाए हैं।

सख्त कार्य संस्कृति का नया दौर

Uber के CEO Dara Khosrowshahi ने स्पष्ट कर दिया है कि कंपनी में अब वीकेंड पर उपलब्धता एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है। इस सख्त रुख के तहत, जो कर्मचारी इन मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उन्हें अपनी नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है। यह कदम टेक सेक्टर में प्रचलित वर्क-लाइफ बैलेंस की बहस के बिल्कुल विपरीत है।

क्यों लिया गया यह कड़ा फैसला?

कंपनी की इस आक्रामक रणनीति के पीछे का मुख्य आधार उसका फाइनेंशियल टर्नअराउंड है। 2017 में, जब Dara Khosrowshahi ने कमान संभाली थी, तब कंपनी हर साल $2.5 बिलियन से $3 बिलियन का घाटा झेल रही थी। हालांकि, पिछले साल कंपनी ने लगभग $9.8 बिलियन का फ्री कैश फ्लो जेनरेट करके मार्केट को चौंका दिया। मैनेजमेंट का मानना है कि इसी हाई-इंटेंसिटी कल्चर ने कंपनी को इस मुकाम तक पहुंचाया है।

निवेशकों के लिए अवसर और जोखिम

निवेशकों की नजर से देखें, तो यह कल्चर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और तेजी से फैसले लेने की क्षमता को बढ़ाता है। लेकिन, टेक इंडस्ट्री में जहां टैलेंट की भारी मांग है, वहां इतना दबाव कर्मचारियों के बीच इस्तीफों (Employee Turnover) का कारण बन सकता है। यदि कंपनी अपने बड़े टैलेंट पूल को खोती है, तो भविष्य में यह कामकाज में बाधा पैदा कर सकता है। अब मार्केट की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनी अपनी प्रोडक्टिविटी और कर्मचारियों को बनाए रखने (Retention) के बीच संतुलन बना पाएगी या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.