USD/JPY Exchange Rate: डॉलर 160 येन के नीचे गिरा, अमेरिका-जापान ने किया हस्तक्षेप!

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AuthorAditya Rao|Published at:
USD/JPY Exchange Rate: डॉलर 160 येन के नीचे गिरा, अमेरिका-जापान ने किया हस्तक्षेप!

जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में आज बड़ी गिरावट देखी गई। दोनों देशों के सेंट्रल बैंक के हस्तक्षेप के बाद डॉलर **1%** लुढ़ककर **156.34** येन पर आ गया। यह कदम येन की लगातार गिरती वैल्यू को रोकने और जापान में बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है।

डॉलर-येन में आई बड़ी गिरावट

सोमवार को फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर 160 येन के अहम स्तर के नीचे फिसल गया और 156.34 के करीब कारोबार करने लगा। यह बड़ी गिरावट अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट और जापान के मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस द्वारा किए गए संयुक्त हस्तक्षेप का नतीजा है। दोनों देशों के नियामकों (Regulators) ने कहा कि यह कदम करेंसी मार्केट में अत्यधिक अस्थिरता (Volatility) को रोकने के लिए जरूरी था, जिसने हाल ही में येन को डॉलर के मुकाबले पिछले 40 सालों के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया था।

येन की कमजोरी से जापान पर असर

पिछले कुछ महीनों से येन की लगातार गिरती कीमत ने जापान की घरेलू अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव डाला है। जापान अपनी जरूरत के ज्यादातर सामान, ऊर्जा और कच्चे माल का आयात (Import) करता है, ऐसे में कमजोर करेंसी इन आयातों को काफी महंगा बना देती है। इस वजह से देश में महंगाई बढ़ी है, जिस पर काबू पाना जापानी नियामकों के लिए एक बड़ी चुनौती रही है। येन को मजबूत करके, सरकार का लक्ष्य आयात की लागत को कम करना और बढ़ती कीमतों से जूझ रहे आम नागरिकों और व्यवसायों को राहत पहुंचाना है।

अब एक साथ मिलकर करेंगे काम!

इस साल की शुरुआत में, जापानी अथॉरिटीज़ ने अकेले दम पर येन को सहारा देने की कोशिश की थी। यानी, दूसरे बड़े सेंट्रल बैंकों की मदद के बिना, उन्होंने खुद ही करेंसी मार्केट में दखल दिया था। लेकिन इन कोशिशों का एक्सचेंज रेट पर कोई खास असर नहीं हुआ था। यह मौजूदा स्थिति इसलिए अलग है क्योंकि इसमें अमेरिका की सक्रिय भागीदारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस सहयोग को दोनों देशों के बीच दोस्ती का संकेत बताया और कहा कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदेमंद है।

आगे क्या उम्मीद करें?

इस घोषणा के बाद, जापान के फाइनेंस मिनिस्टर सात्सुकी कतायामा ने पुष्टि की कि मिनिस्ट्री ने हालिया बाजार उतार-चढ़ाव का मुकाबला करने के लिए येन खरीदा है। अहम बात यह है कि मिनिस्ट्री ने यह भी संकेत दिया है कि अगर करेंसी मार्केट में फिर से अनियंत्रित अस्थिरता के संकेत मिलते हैं, तो वे आगे भी कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं। हालांकि इस हस्तक्षेप से अल्पावधि (Short Term) में डॉलर-येन एक्सचेंज रेट कम हुआ है, लेकिन बाजार के प्रतिभागी (Market Participants) यह देखेंगे कि क्या यह समन्वित दृष्टिकोण (Coordinated Approach) स्थायी स्थिरता प्रदान करेगा या फिर दोनों देशों के बीच ब्याज दरों के अंतर के कारण अमेरिकी डॉलर फिर से मजबूत होगा। जापानी एक्सपोर्ट कंपनियों के निवेशक भी इस पर बारीकी से नजर रखेंगे, क्योंकि मजबूत येन कभी-कभी इन फर्मों के लाभ मार्जिन को कम कर सकता है जब उनकी विदेशी कमाई को स्थानीय मुद्रा में बदला जाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.