US प्रेसिडेंट Donald Trump ने एक बड़ा फैसला लेते हुए भारत समेत टॉप 5 ग्लोबल खरीदारों के लिए रूसी क्रूड और गैस पर **100%** टैरिफ को माफ कर दिया है। इस कदम से भारतीय रिफाइनरीज को बड़ा झटका लगने से बचाया गया है और एनर्जी सप्लाई चैन स्थिर बनी रहेगी।
टैरिफ से मिली बड़ी राहत
US प्रेसिडेंट Donald Trump ने 'Lindsey O Graham Sanctioning Russia and Iran Act' के तहत नेशनल इंटरेस्ट का हवाला देते हुए यह बड़ा आदेश जारी किया है। इस कदम ने ग्लोबल मार्केट में एनर्जी सप्लाई चैन को टूटने से बचा लिया है। अगर 100% का भारी टैरिफ लागू होता, तो यह न केवल महंगे ईंधन का कारण बनता बल्कि भारत जैसे बड़े आयातकों के लिए सप्लाई चैन का संकट खड़ा कर देता।
भारतीय कंपनियों पर असर
भारत की प्रमुख रिफाइनिंग कंपनियां जैसे Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum, और Reliance Industries ने रूसी क्रूड की प्रोसेसिंग के लिए अपनी फैक्ट्रियों में काफी निवेश किया है। विदेशी मंत्री S. Jaishankar ने US सेक्रेटरी ऑफ स्टेट Marco Rubio के साथ हालिया बातचीत में भारत की एनर्जी सिक्योरिटी और इन तकनीकी चुनौतियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। टैरिफ माफ होने से इन कंपनियों के मार्जिन पर पड़ने वाला दबाव टल गया है।
आगे की रणनीति
हालांकि यह छूट मिल गई है, लेकिन US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव इसे लेकर एक सख्त मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क तैयार कर रहे हैं। भविष्य में अगर ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स या खरीद की नीतियों में बदलाव होता है, तो US प्रशासन इस छूट को वापस लेने की ताकत रखता है। निवेशकों को सलाह है कि वे US की ओर से आने वाले आगे के नियमों और अनुपालन अपडेट पर अपनी नजर बनाए रखें।
