US Treasury का बड़ा कदम: बॉन्ड मार्केट को संभालने के लिए **$6 अरब** की बायबैक योजना

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
US Treasury का बड़ा कदम: बॉन्ड मार्केट को संभालने के लिए **$6 अरब** की बायबैक योजना

US Treasury ने बढ़ते कर्ज के बोझ को कम करने के लिए **$6 अरब** के लॉन्ग-टर्म सरकारी बॉन्ड खरीदने का फैसला किया है। इसका मुख्य उद्देश्य **30-साल** के बॉन्ड यील्ड को काबू में लाना है, जो फिलहाल **2007** के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गए हैं।

बाजार में मची हलचल को थामने की कोशिश

US ट्रेजरी ने अपने बॉन्ड बायबैक प्रोग्राम को आक्रामक रूप से बढ़ा दिया है। अगस्त में जिस लक्ष्य को महज $2 अरब रखा गया था, उसे अब बढ़ाकर $6 अरब कर दिया गया है। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट की अगुवाई में लिया गया यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे न केवल सरकारी उधारी की लागत कम होगी, बल्कि आम लोगों के लोन और मॉर्गेज की दरों पर भी सीधा असर पड़ेगा।

यील्ड का गणित और चुनौतियां

बुधवार को 30-साल के ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड 5.38% तक जा पहुंचा, जो 2007 के 5.40% के रिकॉर्ड स्तर के बेहद करीब है। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श द्वारा 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरों में की गई बढ़ोतरी से बॉन्ड कीमतों में गिरावट आई है, जिससे यील्ड का दबाव बढ़ गया है।

क्या यह कदम सफल होगा?

मार्केट एक्सपर्ट्स इस कदम को लेकर संशय में हैं। इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल फाइनेंस ने इसे 'फाइनेंशियल इंजीनियरिंग' करार दिया है। निवेशकों की चिंता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि 9 सितंबर को की गई पिछली बायबैक कोशिश पूरी तरह सफल नहीं हो पाई थी, क्योंकि मार्केट से पर्याप्त बोलियां नहीं मिली थीं। यदि इस बार भी निवेशकों का रिस्पांस ठंडा रहता है, तो $6 अरब का यह इंटरवेंशन भी बॉन्ड मार्केट की गहरी समस्याओं को हल करने में नाकाम रह सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.