जुलाई 2026 में अमेरिकी ट्रेड डेफिसिट में भारी उछाल आया है। AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए महंगे इम्पोर्ट्स और औद्योगिक एक्सपोर्ट्स में कमी के कारण घाटा **24.4%** बढ़कर **$88.6 अरब** पहुंच गया है, जिससे तीसरी तिमाही की GDP ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।
जुलाई 2026 में अमेरिका के गुड्स और सर्विसेज का ट्रेड डेफिसिट तेजी से बढ़ते हुए $88.6 अरब के आंकड़े को छू गया है, जो 2025 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। कॉमर्स डिपार्टमेंट और ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस के डेटा के मुताबिक, जून के $71.2 अरब के संशोधित आंकड़े के मुकाबले इसमें 24.4% की बड़ी बढ़त देखी गई है।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर का रिकॉर्ड इम्पोर्ट
इस घाटे के बढ़ने की मुख्य वजह कुल इम्पोर्ट्स में 2.8% की वृद्धि है, जो बढ़कर $399.3 अरब हो गए हैं। इसमें सबसे बड़ा योगदान कैपिटल गुड्स का रहा, जो $140.3 अरब तक पहुंच गया। कंप्यूटर, टेलीकॉम इक्विपमेंट और सेमीकंडक्टर्स जैसे आइटम्स में 11.4% का उछाल देखा गया, जो 1993 के बाद इस सेक्टर में सबसे बड़ी तेजी है। यह दिखाता है कि अमेरिकी टेक कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने के लिए भारी मात्रा में कैपिटल खर्च कर रही हैं।
घटता एक्सपोर्ट बना चिंता
एक तरफ इम्पोर्ट्स बढ़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ यूएस एक्सपोर्ट्स 2.1% गिरकर $310.7 अरब रह गए हैं। इसमें कच्चे तेल और गोल्ड जैसी औद्योगिक सामग्रियों की कम सप्लाई का बड़ा हाथ है। 2026 में ग्लोबल सप्लाई चेन में जारी उतार-चढ़ाव का असर साफ दिख रहा है।
इकोनॉमी पर असर
अर्थशास्त्रियों की नजर इस बढ़ते गैप पर है, क्योंकि यह देश की आर्थिक सेहत का एक अहम पैमाना है। अनुमान है कि यह ट्रेड गैप तीसरी तिमाही की GDP ग्रोथ में से 1% से ज्यादा की कमी कर सकता है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह AI-आधारित इम्पोर्ट साइकिल टिकाऊ है या फिर आने वाले महीनों में एक्सपोर्ट वॉल्यूम फिर से संभल पाएगा।
