साल 2026 के शुरुआती नौ महीनों में अमेरिकी टेक अरबपतियों की संपत्ति में **$845 बिलियन** का भारी उछाल आया है। इसकी बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहा बेतहाशा खर्च है, लेकिन Oracle जैसी कंपनियों पर बढ़ते कर्ज और ऑपरेशनल दिक्कतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
AI के क्षेत्र में मची होड़ ने साल 2026 में ग्लोबल वेल्थ का नक्शा पूरी तरह बदल दिया है। दुनिया के 500 सबसे अमीर व्यक्तियों की संपत्ति में हुए बदलाव पर गौर करें, तो सिर्फ टेक्नोलॉजी क्षेत्र से जुड़े लोगों की दौलत में $845 बिलियन का इजाफा हुआ है। इस दौड़ में अमेरिका सबसे आगे है और दुनिया के टॉप 10 सबसे अमीर लोग अब अमेरिकी टेक इकोसिस्टम का ही हिस्सा हैं।
कर्ज और इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौती
यह संपत्ति का अंबार एक बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर साइकिल का नतीजा है। दिग्गज कंपनियां डेटा सेंटर और हार्डवेयर पर अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं। हालांकि, इस खर्च ने मार्केट वैल्यू तो बढ़ा दी है, लेकिन अब निवेशकों को डर सता रहा है कि क्या ये कंपनियां इतना मुनाफा कमा पाएंगी कि अपने बढ़ते कर्ज के बोझ को संभाल सकें?
खासकर Oracle Corp पर बाजार की पैनी नजर है। कंपनी पर कर्ज का दबाव इतना है कि सितंबर 2026 में उसके 5-वर्षीय क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप (CDS) रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए। साथ ही, न्यू मैक्सिको में एक डेटा सेंटर प्रोजेक्ट पर कंपनी द्वारा 'फोर्स मेज्योर' (force majeure) नोटिस जारी करना इस बात का संकेत है कि इतनी तेजी से बन रहे बड़े प्रोजेक्ट्स में ऑपरेशनल जोखिम बहुत अधिक है।
सप्लाई चेन और भविष्य की चिंताएं
AI का यह जलवा सिर्फ क्लाउड दिग्गजों तक सीमित नहीं है, बल्कि Taiwan Semiconductor Manufacturing Co. और Samsung Electronics जैसी दिग्गज कंपनियों के मालिकों की संपत्ति में भी बड़ा उछाल आया है। लेकिन यह पूरी चेन हार्डवेयर पर बहुत अधिक निर्भर है।
एनालिस्ट्स का कहना है कि 2025 के अंत तक क्लाउड प्रोवाइडर्स पर करीब $1 ट्रिलियन का ऑफ-बैलेंस-शीट लीज कमिटमेंट था। अगर AI से होने वाली कमाई इन खर्चों की तुलना में धीमी रहती है, तो आने वाले समय में मार्केट में बड़ी गिरावट देखी जा सकती है। अब सबकी नजरें कंपनियों की अगली अर्निंग रिपोर्ट्स पर टिकी हैं, जहां यह साफ होगा कि क्या वास्तव में भारी-भरकम निवेश का फायदा मिलना शुरू हुआ है या नहीं।
