5 नवंबर, 2026 को अमेरिकी बाजार में बड़ी बिकवाली देखने को मिली। Nasdaq 100 में **6%** से ज्यादा की गिरावट आई, जो मार्च 2020 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है। AI डेटा सेंटर्स पर सख्त रेगुलेशन के डर से निवेशकों ने जमकर शेयर बेचे, जिससे मार्केट वैल्यू को **$2.3 ट्रिलियन** का झटका लगा है।
वॉल स्ट्रीट के लिए 5 नवंबर, 2026 का दिन बेहद काला साबित हुआ। टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टॉक्स से निवेशकों ने अपना पैसा तेजी से निकालना शुरू कर दिया है। Nasdaq 100 में 6% की भारी गिरावट दर्ज की गई, वहीं S&P 500 भी 4.4% फिसल गया।
चुनाव का डर और AI स्टॉक्स
इस बिकवाली की मुख्य वजह हालिया मिडटर्म चुनाव के नतीजे रहे। मार्केट को डर है कि नई राजनीतिक परिस्थितियों में टेक सेक्टर पर शिकंजा कसा जा सकता है। विशेष रूप से, AI डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कड़े पर्यावरणीय और ज़ोनिंग नियम लागू होने की आशंका है, जिससे सेक्टर की विकास दर धीमी हो सकती है।
चिपमेकर्स को सबसे बड़ा नुकसान
सेमीकंडक्टर कंपनियों पर इसका सबसे बुरा असर पड़ा है। Philadelphia Semiconductor Index 12% तक टूट गया। Nvidia के शेयरों में 9.26% की गिरावट आई, और अब यह अपने अक्टूबर के पीक से करीब 24% नीचे आ चुका है। मार्केट को चिंता है कि अगर टेक कंपनियां अपना कैपिटल खर्च (Capex) घटाती हैं, तो चिपमेकर्स की कमाई पर बुरा असर पड़ेगा।
मार्केट में डर का माहौल
Cboe Volatility Index, जिसे 'फियर गेज' कहा जाता है, साल 2020 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। हेज फंड्स द्वारा अपनी पोजीशन को तेजी से अनवाइंड करने के कारण बाजार में लिक्विडिटी का संकट भी बढ़ गया है। फिलहाल, निवेशक अब बड़ी टेक कंपनियों के मैनेजमेंट की ओर देख रहे हैं ताकि यह साफ हो सके कि भविष्य में उनका इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च कैसा रहने वाला है।
