US Stocks New Highs: कमाई के दम पर बाजार में तूफानी तेजी! वैल्यूएशन की चिंताएं हुईं कम

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AuthorMehul Desai|Published at:
US Stocks New Highs: कमाई के दम पर बाजार में तूफानी तेजी! वैल्यूएशन की चिंताएं हुईं कम

अमेरिकी शेयर बाजार में शानदार रिकवरी देखने को मिली है। S&P 500 इंडेक्स रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिसकी मुख्य वजह कंपनियों की कमाई में जबरदस्त **50.4%** की बढ़ोतरी है। हालांकि, वैल्यूएशन को लेकर चिंताएं कम हुई हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ओवर-ऑप्टिमिज्म और AI खर्चों की क्वालिटी जैसे रिस्क अभी भी बने हुए हैं।

कमाई के तूफ़ान ने बाजार को नई ऊंचाई पर पहुँचाया

अमेरिकी शेयर बाजार में ज़बरदस्त वापसी हुई है। S&P 500, Dow Jones Industrial Average और Nasdaq Composite – सभी इंडेक्स ने इस हफ्ते शानदार मजबूती दिखाई है। S&P 500 तो रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिसकी वजह दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजों का शानदार प्रदर्शन है। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत हुआ है।

मुनाफे की रफ्तार, कीमतों से आगे

इस शानदार प्रदर्शन के पीछे सबसे बड़ा हाथ कंपनियों के मुनाफे में आई भारी बढ़ोतरी का है। आंकड़े बताते हैं कि S&P 500 की 86% कंपनियों ने एनालिस्ट्स के अनुमानों से बेहतर कमाई की है, जो ऐतिहासिक औसत 78% से काफी ज्यादा है। कुल मिलाकर, इन कंपनियों ने पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले अपनी कमाई में 50.4% का ज़बरदस्त इजाफा किया है।

मुनाफे की यह तेज रफ्तार शेयर की कीमतों पर भी हावी रही। नतीजतन, फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो, जिसे निवेशक किसी स्टॉक के महंगा या सस्ता होने का पता लगाने के लिए इस्तेमाल करते हैं, वो कम हो गया है। इसका मतलब है कि बाजार में तेजी के बावजूद, निवेशक इस साल की शुरुआत की तुलना में भविष्य की उम्मीदित कमाई के हर डॉलर के लिए अब कम भुगतान कर रहे हैं। इस स्थिति ने बाजार के बहुत महंगा हो जाने की चिंताओं को कुछ हद तक कम कर दिया है।

इकोनॉमिक डेटा और फेडरल रिजर्व की उम्मीदें

बाजार की चाल को हालिया लेबर मार्केट (रोजगार बाजार) की रिपोर्ट्स से भी बल मिला। जुलाई में नॉन-फार्म नौकरियों में 23,000 की गिरावट आई, जिसने कई लोगों को चौंका दिया। आमतौर पर, नौकरियों का घटना अर्थव्यवस्था के लिए बुरी खबर होती है, लेकिन निवेशकों ने इसे सकारात्मक रूप से लिया। इसकी वजह यह है कि एक ठंडा पड़ रहा रोजगार बाजार फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें और बढ़ाने से रोक सकता है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर शेयर वैल्यूएशन पर दबाव डालती हैं, इसलिए दरें रुकने या भविष्य में कटौती की संभावना को इक्विटी कीमतों के लिए सपोर्टिव माना जा रहा है।

रिस्क और बाजार की क्वालिटी पर सवाल

सकारात्मक रुझान के बावजूद, कुछ एनालिस्ट्स निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। बाजार में बढ़ती बेफिक्री (complacency) को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। एनालिस्ट्स लगातार तीसरी तिमाही के लिए अपनी कमाई की उम्मीदें बढ़ा रहे हैं, जो कि एक दुर्लभ आंकड़ा है। कुछ जानकारों का मानना है कि यह उम्मीदवाद आने वाले महीनों में कंपनियां जो असल में डिलीवर कर पाएंगी, उसे बढ़ा-चढ़ाकर आंक रहा है।

इसके अलावा, कमाई की क्वालिटी (quality of earnings) को लेकर भी बहस जारी है। खास तौर पर, एनालिस्ट्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर होने वाले खर्च की जांच कर रहे हैं। कुछ बाजार पर्यवेक्षकों ने सवाल उठाए हैं कि क्या कंपनियां AI-संबंधी उपकरण लागतों (equipment costs) को इस तरह से हिसाब में ले रही हैं कि जिससे रेवेन्यू और प्रॉफिट के आंकड़े कृत्रिम रूप से बढ़ रहे हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ लॉन्ग-टर्म वैल्यूएशन टूल, जैसे कि साइक्लिकली एडजस्टेड P/E (CAPE) रेश्यो, अभी भी पिछले मार्केट बबल (bull run) के समान ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। यह दर्शाता है कि फॉरवर्ड-लुकिंग रेश्यो भले ही बेहतर दिख रहे हों, लेकिन बाजार कुछ पैमानों पर ऐतिहासिक रूप से महंगा बना हुआ है।

निवेशकों के लिए, आने वाले हफ्तों में मुख्य निगरानी कंपनी की गाइडेंस (future outlook) और असल प्रॉफिट मार्जिन पर रहेगी। इस मजबूत तिमाही की वजह से कमाई की उम्मीदों का पैमाना काफी ऊंचा हो गया है, इसलिए कंपनियों को मौजूदा बाजार स्तर को बनाए रखने के लिए इस विकास की गति को बनाए रखने का सबूत देना होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.