अमेरिकी शेयर बाज़ार शुक्रवार को अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए, खासकर Nasdaq में पिछले कुछ दिनों की गिरावट के बाद रिकवरी देखने को मिली। बाज़ार को सेवाओं (Services) के मजबूत आंकड़ों और ट्रेजरी लिक्विडिटी उपायों का सहारा मिला, हालांकि पूरे हफ्ते का क्लोजिंग लॉस में रहा।
अमेरिकी बाज़ार में जोरदार वापसी
शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को अमेरिकी इक्विटी बाज़ार में रिकवरी का दिन रहा। Nasdaq Composite इंडेक्स लगभग 0.43% चढ़कर बंद हुआ। यह उछाल निवेशकों के लिए एक राहत की बात थी, खासकर तब जब बाज़ार पिछले हफ्ते अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (Treasury Yield) में उतार-चढ़ाव और मध्य पूर्व (Middle East) में भू-राजनीतिक तनाव के कारण काफ़ी वोलेटाइल (Volatile) रहा था। शुक्रवार की क्लोजिंग भले ही उत्साहजनक रही हो, लेकिन S&P 500 और Nasdaq सहित प्रमुख इंडेक्स 21 अगस्त को समाप्त हुए हफ्ते में गिरावट के साथ ही बंद हुए।
बाज़ार को क्या मिला सहारा?
हफ्ते के आखिर में आई इस तेजी के पीछे मुख्य वजह अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट (U.S. Treasury Department) द्वारा उठाए गए नए लिक्विडिटी उपाय थे। ट्रेजरी ने लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की बायबैक (Buyback) बढ़ाने की योजना का ऐलान किया है। इस कदम का मकसद बॉन्ड बाज़ार को सहारा देना और यील्ड को स्थिर करना है। इसके अलावा, शुक्रवार को जारी हुए आर्थिक आंकड़ों ने संकेत दिया कि अमेरिकी सेवाओं (Services) के सेक्टर ने लगभग दो सालों में सबसे मजबूत ग्रोथ दर्ज की है, जिससे अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य को लेकर निवेशकों का सेंटिमेंट (Sentiment) बेहतर हुआ है।
चिंताएं अभी भी हावी
इन उछालों के बावजूद, निवेशक कई तरह के जोखिमों को लेकर सतर्क बने हुए हैं। मध्य पूर्व में अस्थिरता के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतों (Crude Oil Prices) से महंगाई बढ़ने की चिंताएं बनी हुई हैं। ये फैक्टर, सेंट्रल बैंक की नीतियों और ब्याज दरों (Interest Rates) में संभावित बदलावों को लेकर अनिश्चितता के साथ मिलकर, पूरे हफ्ते बाज़ार पर दबाव बनाए हुए थे। भारतीय निवेशकों के लिए, अमेरिकी बाज़ारों का यह उतार-चढ़ाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड की वोलेटिलिटी अक्सर ग्लोबल लिक्विडिटी फ्लो और उभरते बाज़ारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के सेंटिमेंट को प्रभावित करती है।
आगे क्या?
क्रिप्टोकरेंसी बाज़ार में भी एक दिलचस्प ट्रेंड देखा गया, जहाँ Bitcoin ने वोलेटिलिटी के दौर के बाद तेजी से रिकवरी की। डिजिटल एसेट्स (Digital Assets) में उछाल आया, लेकिन व्यापक इक्विटी बाज़ार की दिशा अभी भी मैक्रोइकॉनॉमिक (Macroeconomic) डेटा और कॉर्पोरेट वित्तीय स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है। निवेशक अब अगले हफ्ते पर नज़रें टिकाए हुए हैं, जहाँ Nvidia Corporation की आने वाली कमाई की रिपोर्ट (Earnings Report) सुर्खियों में रहेगी। बड़ी टेक कंपनियों का प्रदर्शन अक्सर AI सेक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट की मांग का बैरोमीटर (Barometer) माना जाता है। बाज़ार के प्रतिभागी भविष्य में ब्याज दरों के बारे में सुराग के लिए फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की टिप्पणियों पर भी नजर रखेंगे।
