अमेरिका ने घरेलू ईंधन कीमतों को कंट्रोल करने के लिए रूसी डीजल आयात को अप्रैल 2027 तक मंजूरी दे दी है। वहीं, भारत के लिए SRIA कानून के तहत **100%** टैरिफ की धमकी बरकरार है, जिससे एनर्जी सेक्टर के निवेशकों के लिए रिस्क बढ़ गया है।
दोहरे मापदंड और कूटनीतिक चुनौती
अमेरिकी सरकार ने 9 अक्टूबर 2026 को 'जनरल लाइसेंस 135' जारी किया है, जिसके तहत 7 अप्रैल 2027 तक रूसी डीजल का आयात जारी रखा जा सकेगा। अमेरिका का यह कदम मिड-टर्म इलेक्शन से पहले घरेलू कीमतों को काबू में रखने के लिए है। हालांकि, दिल्ली के लिए स्थिति पेचीदा है क्योंकि अमेरिका लगातार 'Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act' (SRIA) के तहत भारत को भी धमका रहा है।
SRIA कानून और भारत पर असर
18 सितंबर 2026 को लागू हुए इस कानून के तहत, अमेरिका उन देशों पर 100% तक का टैरिफ लगा सकता है जो रूस के साथ एनर्जी ट्रेड जारी रखते हैं। जबकि अमेरिका ने खुद के लिए छूट का रास्ता बना लिया है, भारत को अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी इस भेदभावपूर्ण नीति को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बातचीत कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण पहले ही ग्लोबल फ्यूल मार्केट दबाव में है। यदि अमेरिका भारत पर SRIA के तहत कार्रवाई करता है, तो भारतीय एनर्जी कंपनियों की सप्लाई चेन और प्रॉफिट मार्जिन पर सीधा असर पड़ सकता है। फिलहाल, मार्केट की नजर इस बात पर है कि क्या भारत सरकार कोई औपचारिक छूट हासिल कर पाती है या नहीं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अस्थिरता के बीच यह एक प्रमुख 'वॉच लिस्ट' वाला इवेंट बना हुआ है।
