US Citizenship and Immigration Services (USCIS) ने EB-5 वीजा आवेदन शुल्क में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। 30 नवंबर से लागू होने वाले इस फैसले से अमेरिका में स्थायी निवास (Permanent Residency) पाने के लिए निवेश करने वाले भारतीय परिवारों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा।
USCIS ने अपने शुल्क ढांचे में बड़े बदलाव की घोषणा की है, जिसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो EB-5 Immigrant Investor Programme के जरिए अमेरिका में बसने की योजना बना रहे हैं। एजेंसी का कहना है कि ऑपरेशनल और प्रशासनिक खर्चों को पूरा करने के लिए यह बढ़ोतरी जरूरी है।
नई फीस का गणित
- Form I-526: स्टैंडअलोन निवेशकों के लिए आवेदन शुल्क $3,675 से बढ़कर सीधे $7,615 हो गया है।
- टेक्नोलॉजी सरचार्ज: अब हर आवेदन पर $75 का अनिवार्य सरचार्ज भी देना होगा, जो डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वेरिफिकेशन के लिए है।
- रीजनल सेंटर फीस: जो निवेशक रीजनल सेंटर्स के जरिए निवेश करते हैं, उन्हें भी अब काफी ज्यादा फीस चुकानी होगी। फॉर्म I-956 की फीस $17,795 से उछलकर $44,115 तक पहुंच गई है।
भारतीय निवेशकों पर क्या पड़ेगा असर?
EB-5 वीजा के लिए मुख्य निवेश राशि में कोई बदलाव नहीं किया गया है। निवेशकों को अभी भी Targeted Employment Areas में कम से कम $800,000 या अन्य जगहों पर $1.05 मिलियन का निवेश करना अनिवार्य है, साथ ही 10 फुल-टाइम नौकरियां भी पैदा करनी होंगी।
भारतीय आवेदकों के लिए पहले ही प्रोसेसिंग बैकलॉग और एनुअल कंट्री कैप जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। ऐसे में एडमिनिस्ट्रेटिव फीस में यह भारी बढ़ोतरी निवेश की कुल लागत को और बढ़ा देगी। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या ये महंगी फीस भविष्य में वीजा प्रोसेसिंग की रफ्तार और एफिशिएंसी में भी सुधार लाएगी।
