US Markets: रिकॉर्ड हाई के पास सुस्त पड़ा बाजार, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
US Markets: रिकॉर्ड हाई के पास सुस्त पड़ा बाजार, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता

मंगलवार को US स्टॉक मार्केट अपने ऑल-टाइम हाई के करीब आकर ठहर गए हैं। जियो-पॉलिटिकल रिस्क और बढ़ती महंगाई के बीच कच्चे तेल की कीमतें **$100** के करीब पहुंच गई हैं, जिसने वैश्विक निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

बाजार की सुस्त चाल

मंगलवार के सत्र में US मार्केट में काफी सतर्कता देखने को मिली। बेंचमार्क इंडेक्स S&P 500 सपाट स्तर पर कारोबार करता रहा। हालांकि सेमीकंडक्टर सेक्टर ने लगातार छठे दिन अपनी बढ़त बरकरार रखी, लेकिन बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा, जिससे बैंकिंग इंडेक्स में 2.2% की गिरावट दर्ज की गई।

क्रूड ऑयल का दबाव और जियो-पॉलिटिक्स

कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जो बाजार के सेंटीमेंट को बुरी तरह प्रभावित कर रही हैं। न्यूयॉर्क में ईरान और अमेरिका के बीच चल रही कूटनीतिक बैठकों पर दुनिया की नजर है। भारतीय निवेशकों के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि तेल महंगा होने से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ता है, जिसका असर रुपये की चाल और महंगाई पर सीधा पड़ता है।

फेडरल रिजर्व और बॉन्ड यील्ड का गणित

बॉन्ड मार्केट की अस्थिरता भी निवेशकों को डरा रही है। $69 बिलियन के दो-वर्षीय नोटों की नीलामी से पहले ट्रेजरी यील्ड्स ऊपर गई हैं। फेडरल रिजर्व ने साफ कर दिया है कि महंगाई को 2% के लक्ष्य पर लाने के लिए ब्याज दरें ऊंची बनी रहेंगी।

भारतीय बाजारों के लिहाज से देखें तो US ट्रेजरी यील्ड में तेजी का मतलब है कि ग्लोबल कैपिटल फ्लो प्रभावित हो सकता है, जिससे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की भारतीय इक्विटी में भागीदारी पर सीधा असर पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.