US Markets: Fed के रेट हाइक की आहट से बाजार में जोश, AI डिमांड से IT शेयरों में तूफानी तेजी

ECONOMY
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
US Markets: Fed के रेट हाइक की आहट से बाजार में जोश, AI डिमांड से IT शेयरों में तूफानी तेजी

Wall Street पर शुक्रवार को तेजी का माहौल रहा। निवेशक अब इस बात को पचा चुके हैं कि अगले हफ्ते Federal Reserve ब्याज दरें बढ़ा सकता है। AI इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी मांग के चलते Dell और HPE के शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है।

बाजार का मूड और Fed की तैयारी

शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार ने गजब की मजबूती दिखाई है। CME FedWatch टूल के आंकड़ों के अनुसार, अब 90% संभावना जताई जा रही है कि 16 सितंबर 2026 को होने वाली बैठक में Federal Reserve ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेगा। निवेशकों ने अब यह मान लिया है कि उधार लेना महंगा होने वाला है, फिर भी बाजार का रुख सकारात्मक बना हुआ है।

AI के दम पर टेक सेक्टर में धूम

बाजार की इस तेजी का सबसे बड़ा ट्रिगर टेक सेक्टर बना है। हार्डवेयर निर्माता कंपनियों के शेयरों में जोरदार एक्शन दिखा। Dell Technologies और Hewlett Packard Enterprise (HPE) के शेयर 12% से ज्यादा उछलकर रिकॉर्ड लेवल पर बंद हुए। इसकी मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहा अंधाधुंध खर्च है। निवेशकों को भरोसा है कि सर्वर और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग हार्डवेयर की डिमांड फिलहाल कम नहीं होने वाली है।

महंगाई और अर्थव्यवस्था का समीकरण

अमेरिका में अगस्त महीने में महंगाई दर 3.4% सालाना रही, जो चिंता का विषय है। आमतौर पर बढ़ती महंगाई और महंगे कर्ज से शेयर बाजार पर दबाव आता है, लेकिन फिलहाल बाजार को भरोसा है कि फेडरल रिजर्व अर्थव्यवस्था को सुस्त किए बिना ही महंगाई को कंट्रोल कर लेगा। हालांकि, वैल्युएशन के लिहाज से कई टेक शेयर अब महंगे हो चुके हैं, जिससे आने वाले समय में वोलेटिलिटी बढ़ने का रिस्क बना हुआ है।

भारतीय निवेशकों के लिए संकेत

अमेरिकी फेड का फैसला सीधे तौर पर भारतीय बाजारों को प्रभावित करेगा। यदि अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो डॉलर मजबूत होता है। ऐसे में विदेशी निवेशक (FIIs) भारतीय जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिका में लगाना पसंद करते हैं। इसके अलावा, AI हार्डवेयर का दौर भारतीय IT और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए भी एक बड़ा ऑब्जर्वेशन पॉइंट है, जो अब ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बन रही हैं। अब सभी की निगाहें 16 सितंबर की पॉलिसी मीटिंग और फेड की भविष्य की गाइडेंस पर टिकी हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.