डेमोक्रेटिक पार्टी के बहुमत में आने के बाद US मार्केट्स में उछाल देखने को मिला है। निवेशकों को उम्मीद है कि अब बड़े फिस्कल बदलावों पर रोक लगेगी, हालांकि AI डेटा सेंटर्स को लेकर रेगुलेटरी चिंताएं बरकरार हैं।
4 नवंबर, 2026 को US मार्केट्स में आई तेजी के पीछे मुख्य वजह संसद में डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत हासिल करना है। निवेशक इसे 'पॉलिटिकल ग्रिडलॉक' के तौर पर देख रहे हैं, जिसका मतलब है कि सरकार अब टैक्स या बड़े खर्चों में अचानक से कोई बड़ा बदलाव नहीं कर पाएगी। यह स्टेबिलिटी बाजार को काफी पसंद आई है।
मार्केट्स पर असर
S&P 500 इंडेक्स में अच्छी बढ़त दर्ज की गई है। इसका एक बड़ा कारण ट्रेजरी यील्ड्स (Treasury Yields) में आई गिरावट है। जब यील्ड्स नीचे आती हैं, तो कंपनियों की अर्निंग्स और वैल्यूएशन के लिए यह एक पॉजिटिव संकेत होता है।
सरकार की रणनीति पर नजर
निवेशकों की नजर अब US ट्रेजरी डिपार्टमेंट और सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट पर टिकी है। चर्चा है कि 2027 के लिए सरकार डेट मैनेजमेंट में बदलाव कर सकती है, जिसमें लंबे समय के बॉन्ड्स के बजाय शॉर्ट-टर्म डेट इंस्ट्रूमेंट्स पर फोकस किया जा सकता है।
AI सेक्टर के लिए चुनौतियां
मार्केट का मूड पॉजिटिव है, लेकिन टेक सेक्टर में थोड़ा कन्फ्यूजन है। डेमोक्रेट्स AI डेटा सेंटर्स के एनर्जी कंजम्पशन और एन्वायरमेंटल इम्पैक्ट को लेकर कड़े नियम ला सकते हैं। इसका मतलब है कि टेक कंपनियों पर आने वाले समय में रेगुलेटरी दबाव और कंप्लायंस कॉस्ट बढ़ सकती है।
गोल्ड का जलवा
डॉलर में कमजोरी के चलते गोल्ड की कीमतों में जबरदस्त तेजी आई है और यह रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया है। निवेशक आर्थिक अस्थिरता के दौर में गोल्ड को सबसे सुरक्षित ठिकाना मान रहे हैं। आने वाले दिनों में ट्रेजरी ऑक्शंस और फेडरल रिजर्व के फैसलों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
