US मार्केट्स में आज सुस्ती देखने को मिली है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले भारी-भरकम खर्च और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई उछाल ने निवेशकों को डरा दिया है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है।
अमेरिकी बाजारों में इस हफ्ते काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशकों के बीच यह डर बढ़ गया है कि क्या AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जा रहा भारी निवेश वास्तव में टिकाऊ है। डेटा सेंटर बनाने की बढ़ती लागत के चलते टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव साफ दिख रहा है।
IT सेक्टर पर क्या होगा असर?
अब सबकी नजरें Alphabet, Microsoft और Amazon जैसी दिग्गजों की आने वाली अर्निंग्स पर टिकी हैं। ये नतीजे इसलिए अहम हैं क्योंकि इनसे पता चलेगा कि इन कंपनियों की अगले साल की निवेश योजनाएं क्या हैं। अगर ये दिग्गज कंपनियां नए प्रोजेक्ट्स में कटौती करती हैं, तो भारत की बड़ी IT कंपनियों के रेवेन्यू पर सीधा असर पड़ सकता है, जिससे एक्सपोर्ट-ड्रिवन ग्रोथ पर दबाव बन सकता है।
क्रूड ऑयल और महंगाई
मिडल ईस्ट में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल के दाम रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गए हैं। भारत के लिए यह बड़ी चिंता की बात है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें न केवल महंगाई (Inflation) बढ़ा सकती हैं, बल्कि कई सेक्टरों के कॉर्पोरेट मार्जिन को भी बिगाड़ सकती हैं।
फेडरल रिजर्व और टेलीकॉम सेक्टर
आने वाले बुधवार को US Federal Reserve की बैठक है। हालांकि ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद कम है, लेकिन दिसंबर की पॉलिसी पर मिलने वाले संकेतों पर सबकी नजर होगी, क्योंकि इससे भारत आने वाले विदेशी निवेश (FII) पर सीधा असर पड़ता है। वहीं, टेलीकॉम सेक्टर में SpaceX की नई सर्विस के ऐलान से AT&T और T-Mobile जैसे शेयरों में हलचल देखी गई।
