US CPI डेटा: महंगाई 3.4% पर, पर फेड की ब्याज दरें बढ़ाने की अटकलें जारी

ECONOMY
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
US CPI डेटा: महंगाई 3.4% पर, पर फेड की ब्याज दरें बढ़ाने की अटकलें जारी

अमेरिका में जुलाई महीने के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) यानी महंगाई दर 3.4% रही, जो कि फेडरल रिजर्व के 2% के लक्ष्य से काफी ऊपर है। फिलहाल ब्याज दरें 3.50%-3.75% पर हैं, और फेडरल रिजर्व अपने सितंबर की मीटिंग में दरें बढ़ाने को लेकर दुविधा में है।

अमेरिका की महंगाई दर पर नया अपडेट

अमेरिका से जो नए महंगाई (Inflation) के आंकड़े आए हैं, वे उम्मीद की किरण दिखा रहे हैं। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) जुलाई में सालाना आधार पर 3.4% रहा। इससे लगता है कि कीमतों पर दबाव कुछ कम हो रहा है। हालांकि, मेन CPI और कोर CPI (जिसमें खाने-पीने और एनर्जी की चीजें शामिल नहीं होतीं) जो 2.5% रहा, ये दोनों ही फेडरल रिजर्व के 2% के लॉन्ग-टर्म लक्ष्य से काफी ऊपर हैं। निवेशकों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है कि सेंट्रल बैंक आगे क्या कदम उठाएगा।

फेड का जुलाई फैसला और अंदरूनी मतभेद

फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने 29 जुलाई 2026 को हुई मीटिंग में फेडरल फंड्स रेट को 3.50%-3.75% की रेंज में स्थिर रखा था। लेकिन, यह फैसला एकतरफा नहीं था। FOMC वोट में 9-3 का बंटवारा दिखा, जिसमें तीन सदस्य - हैमैक, कश्कारी और लोगन - 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी के पक्ष में थे। यह अंदरूनी मतभेद दिखाता है कि नीति निर्माताओं के लिए लगातार बढ़ती महंगाई को काबू करने और इकोनॉमिक ग्रोथ को धीमा करने के जोखिम के बीच संतुलन बनाना कितना मुश्किल है।

यह फेड के चेयरमैन केविन वॉर्श के नेतृत्व वाला पहला टाइटनिंग साइकिल है, जिन्होंने मई 2026 में पदभार संभाला था। उनके नेतृत्व में, फेड ने सख्त फॉरवर्ड गाइडेंस से हटकर, लॉन्ग-टर्म रोडमैप देने के बजाय आने वाले डेटा के आधार पर फैसले लेने का संकेत दिया है। इस रणनीति ने हर महीने आने वाली CPI रिपोर्ट को मार्केट के लिए और भी अहम बना दिया है, क्योंकि निवेशकों को अब बिना किसी निश्चित भविष्य की गाइडेंस के रियल-टाइम में पॉलिसी की दिशा का अनुमान लगाना होगा।

सितंबर के लिए मार्केट का नजरिया

जुलाई की महंगाई रिपोर्ट के बाद, सितंबर की मीटिंग को लेकर मार्केट का रुख बंटा हुआ है। ट्रेडर्स और निवेशक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या महंगाई में नरमी का यह ट्रेंड जारी रहेगा या यह फिर से बढ़ेगी। CME ग्रुप फ्यूचर्स के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में रेट हाइक की 35% से 40% संभावना जताई जा रही है। हालांकि, ज्यादातर का मानना है कि फेड शायद एक पॉज लेगा, लेकिन साल के अंत तक रेट बढ़ने का खतरा बॉन्ड और इक्विटी मार्केट को सतर्क रख रहा है।

कई फैक्टर्स अभी भी अनिश्चितता पैदा कर रहे हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि टेक्नोलॉजी सेक्टर, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भारी डिमांड के कारण कीमतें बढ़ी हैं, और एनर्जी सेक्टर, जो मिडिल ईस्ट जैसे भू-राजनीतिक जोखिमों के प्रति संवेदनशील है, उनमें महंगाई का दबाव बना रह सकता है। अगर ये सेक्टर महंगाई को बढ़ाते हैं, तो वे अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों में देखी गई नरमी को बेअसर कर सकते हैं। सेंट्रल बैंक का अगला पॉलिसी स्टेटमेंट और सितंबर की मीटिंग में जारी होने वाले इकोनॉमिक प्रोजेक्शन महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि वे साल की आखिरी तिमाही के लिए ब्याज दरों की दिशा तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.