US-Iran Conflict: बढ़ता तनाव! युद्ध का खर्च **$47 बिलियन** के पार, Crude Oil मार्केट पर पड़ेगा असर

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
US-Iran Conflict: बढ़ता तनाव! युद्ध का खर्च **$47 बिलियन** के पार, Crude Oil मार्केट पर पड़ेगा असर

अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, US-Iran संघर्ष का खर्च जुलाई के **$37.5 बिलियन** से बढ़कर **$47 बिलियन** तक पहुंच गया है। इस भू-राजनीतिक तनाव और Iranian तेल निर्यात पर लगे नेवल ब्लॉकेड से ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की आशंका है, जो एनर्जी स्टॉक्स के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

खर्च में भारी उछाल के कारण

पेंटागन के आंकड़ों में यह बड़ा इजाफा सैन्य रणनीतियों में बदलाव के कारण आया है। कुल खर्च में से $29 बिलियन केवल हाई-प्रिसिजन गोला-बारूद की भरपाई में खर्च हुए हैं, जबकि $6 बिलियन का नुकसान क्षतिग्रस्त विमानों, ड्रोन्स और अन्य सैन्य उपकरणों के रिप्लेसमेंट में हुआ है।

भारतीय बाजार पर असर

भारत के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि हम क्रूड ऑयल के बड़े आयातक हैं। ईरान पर नेवल ब्लॉकेड के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन में खिंचाव आ सकता है, जिससे क्रूड की कीमतें अस्थिर हो सकती हैं। यह सीधे तौर पर घरेलू ओएमसी (OMC) कंपनियों और केमिकल मैन्युफैक्चरर्स की मार्जिन पर असर डालेगा।

आगे का जोखिम

निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि $47 बिलियन का आंकड़ा अभी अंतिम नहीं है। इसमें अभी अमेरिकी बेस इन्फ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत का खर्च शामिल नहीं है। इसके अलावा, 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिड-टर्म चुनाव के माहौल के बीच, बाजार में अनिश्चितता और बढ़ सकती है।

इन स्टॉक्स पर रखें नजर

बाजार की नजर अब Brent क्रूड बेंचमार्क पर टिकी है। भारतीय निवेशकों को Indian Oil Corporation, HPCL, ONGC और Reliance Industries जैसे स्टॉक्स पर बारीकी से नजर रखने की सलाह है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव सीधे तौर पर इनके ऑपरेशनल आउटलुक को प्रभावित करता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.